एक्टिविज्म के नाम पर विक्रमादित्य सहाय प्रोफेसर होते हुए अधनंगी तस्वीरों को साझा करते हैं और शिक्षा के नाम पर वह छात्रों को हिंदू विरोधी बातें सिखाते हैं।
31 मार्च 2026 तक भारत की धरती वामपंथी उग्रवाद के काले साये से पूरी तरह आजाद होगी। विकास की नई धारा उस अंतिम छोर तक पहुँचेगी जिसे दशकों तक अंधेरे में रखा।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ एक प्रदर्शन हुआ लेकिन इसमें पुलिस पर हिंसा हुई, चिली स्प्रे का इस्तेमाल हुआ। इस मामले में FIR दर्ज कर 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वामपंथी प्रोपेगैंडा मशीन के रूप में कुख्यात वेबसाइट 'द वायर हिंदी' ने हिड़मा की मौत पर आर्टिकल पब्लिश किया, जिसकी हेडलाइन थी- "मोस्ट वांटेड या आदिवासी नायक?"