रामगोपाल हत्या मामले में 6 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें से सरफराज और तालिब पहले गिरफ्तार किए गए थे जबकि ये दोनों अब हुए हैं और दो आरोपित अब भी पकड़ से फरार चल रहे हैं।
पुलिस ने सीसीटीवी सर्विलांस और मुखबिरों का जाल बिछाकर बबलू मियाँ मुनीर को पकड़ा, क्योंकि वो मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता था, इसलिए उसे ट्रैक नहीं किया जा सका।
70 साल के विनोद मिश्रा उस इस्लामी भीड़ की हिंसा के पीड़ित हैं, जिसने रामगोपाल मिश्रा की हत्या की। लेकिन बहराइच पुलिस उन जैसे चश्मदीदों के कहे की जाँच करने की जगह मीडिया संस्थानों को धमकाने पर उतारू है।
अजमेर में खादिमों की संस्था के सचिव सरवर चिश्ती ने कहा, "घर पर चढ़कर हरा झंडा उतारकर धर्म विशेष का झंडा लहराया जा रहा है। तो फिर फूल तो बरसेंगे नहीं, जो हुआ यही होना था।"