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बाइडेन बाहर, कमला हैरिस पर संकट: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ओबामा ने चली चाल, समर्थन पर कहा – भविष्य में क्या होगा, कोई नहीं जानता

ओबामा ने कहा, "हम अनजान राहों पर आगे बढ़ रहे हैं और भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता, लेकिन मुझे उम्मीद है कि हमारी पार्टी के नेता कुछ ऐसा करेंगे, जिससे सर्वश्रेष्ठ नामांकन सामने आएगा। मुझे विश्वास है कि जो बाइडन का एक समृद्ध, उदार और एकजुट अमेरिका का विजन अगस्त में होने वाले डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में दिखाई देगा।"

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी में काफी हलचल है। 21 जुलाई 2024 को जो बाइडेन ने आगामी चुनावों में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपनी दूरी का ऐलान किया था और कमला हैरिस का नाम पद के उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ाया था। हालाँकि अब खबर आ रही है कि इसी पार्टी से पूर्व में राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा और पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कमला हैरिस को उम्मीदवार मानने से गुरेज किया है।

जानकारी के मुताबिक बराक ओबामा ने जो बाइडेन के इस फैसले को समर्थन दिया कि वो चुनावों से दूरी बना रहे हैं लेकिन कमला हैरिस के नामांकन पर वो खुशी नहीं जाहिर कर पाए। उन्होंने बाइडेन के ऐलान के बाद उनकी उपलब्धियों को तो गिनाया, लेकिन कमला हैरिस को लेकर वो कहते दिखे, “हम अनजान राहों पर आगे बढ़ रहे हैं और भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता, लेकिन मुझे उम्मीद है कि हमारी पार्टी के नेता कुछ ऐसा करेंगे, जिससे सर्वश्रेष्ठ नामांकन सामने आएगा। मुझे विश्वास है कि जो बाइडन का एक समृद्ध, उदार और एकजुट अमेरिका का विजन अगस्त में होने वाले डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में दिखाई देगा।”

ओबामा बोले “जो बाइडन संघर्ष से पीछे हटने वाले नेता नहीं हैं, मगर अब मशाल अगले दावेदार को थमाना उनके लिए बहुत मुश्किल है, लेकिन उन्हें लगा कि यह अमेरिका के लिए सबसे सही फैसला है। यह बाइडन का देश के प्रति प्यार का सबूत है।” इसी तरह पूर्व हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी बाइडेन की तारीफ की लेकिन कमला हैरिस के समर्थन में कुछ भी नहीं कहा। दोनों नेताओं की इसी चुप्पी के कारण माना जा रहा है कि वो कमला हैरिस को समर्थन नहीं देना चाहते।

बता दें कि जो बाइडेन के ट्वीट के बाद 59 वर्षीय कमला हैरिस को डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन उससे पहले उन्हें आधिकारिक रूप से उम्मीदवार बनने के लिए अगले महीने प्रस्तावित ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ के दौरान डेलीगेट (पार्टी मतदाताओं के प्रतिनिधि) का समर्थन हासिल करना ज़रूरी है। अब चूँकि बाइडन के पास 3,896 ‘प्रतिनिधि’ हैं, और उम्मीदवार बनाने के लिए 1,976 ‘प्रतिनिधि’ की आवश्यकता होती है तो संभव है कमला हैरिस के लिए समर्थन पाना आसान हो। फिलहाल के लिए पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन हैरिस को समर्थन दे चुके हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि 19 अगस्त से शिकागो में शुरू होने वाले ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ के दौरान उम्मीदवार चुना जाना और आसान हो गया है। बस अटकलें हैं तो हैरिस के गुरु माने जाने वाले ओबामा के समर्थन पर। उनका कमला को तुरंत सपोर्ट न करना कई सवाल उठाए हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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