Homeराजनीतिमैकेनिकल इंजीनियर से बनी पार्षद, अब प्रियंका गाँधी को देंगी सीधी टक्कर: मिलिए 39...

मैकेनिकल इंजीनियर से बनी पार्षद, अब प्रियंका गाँधी को देंगी सीधी टक्कर: मिलिए 39 साल की नव्या हरिदास से, वायनाड से BJP ने बनाया है उम्मीदवार

नव्या कोझिकोड निगम से दो बार पार्षद भी रह चुकी हैं। साल 2021 में भी चुनाव के वक्त भाजपा ने उन्हें कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अहमद देवरकोविल के खिलाफ मैदान में उतारा था। इन चुनावों में तीसरे नंबर पर रहीं थीं।

केरल के वायनाड में 13 नवंबर 2024 को लोकसभा के उपचुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी प्रियंका गाँधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने मैदान में अपनी जिन उम्मीदवार को उतारा है उन्हें लेकर क्षेत्र से हटकर भी काफी चर्चा है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर वो नव्या हरिदास कौन हैं जो वायनाड में प्रियंका के सामने खड़ी होंगी।

नव्या हरिदास को लेकर मौजूद जानकारी बताती है कि 39 साल की भारतीय जनता पार्टी का कोई नया चेहरा नहीं हैं। वह राज्य में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की मुख्य सचिव हैं।

इसके अलावा नव्या कोझिकोड निगम से दो बार पार्षद भी रह चुकी हैं। साल 2021 में भी चुनाव के वक्त भाजपा ने उन्हें कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अहमद देवरकोविल के खिलाफ मैदान में उतारा था। इन चुनावों में तीसरे नंबर पर रहीं थीं।

राजनीति से अलग बात करें तो नव्या एक मैकेनिकल इंजीनियर भी हैं। केएमसीटी इंजीनियरिंग कॉलेज कालीकट विश्वविद्यालय से 2007 में बी.टेक की और बाद में राजनीति में प्रवेश किया।

वायनाड से प्रत्याशी बनाए जाने पर वह कहती हैं कि वायनाड में प्रगति की जरूरत है। कॉन्ग्रेस परिवार वास्तव में वायनाड के लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है। इस चुनाव के बाद से वायनाड के निवासियों को संसद में बेहतर सदस्य की जरूरत है।

गौरतलब है कि आने वाले दिनों में 24 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं। वायनाड की सीट की चर्चा इसलिए है क्योंकि बीते लोकसभा चुनावों में राहुल गाँधी ने यहाँ और राय बरेली से चुनाव लड़ा था। जीत के बाद उन्होंने राय बरेली से सांसद बने रहना चुना और वायनाड की सीट छोड़ दी। अब यहाँ से उनकी बहन चुनाव लड़ेंगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -