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‘हलुलुईया’ पर छमक-छमक कर डांस, दीवाली पर पटाखों से समस्या: राजपाल यादव का पाखंड देख भड़के नेटिजन्स, पूछा- ईद-क्रिसमस पर क्यों नहीं उमड़ता पशु प्रेम

राजपाल यादव ने वीडियो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा- दीवाली की मिठाई और रंगोली तो डबल हो सकती है लेकिन प्रदूषण नहीं। आइए दीवाली खुशियों के साथ मनाएँ न कि धुएँ के साथ क्योंकि प्रकृति भी हैप्पी दीवाली मनाना डिजर्व करती हैं।

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की दीवाली से पहले एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में वो दीवाली में पटाखे फोड़ने का विरोध कर रहे हैं और समझा रहे हैं कि पटाखे फोड़ने से जानवर डरते हैं और वायु प्रदूषण होता है इसलिए बिन पटाखे फोड़े दीवाली मनाई जाए।

उन्होंने इस वीडियो को साझा करते हुए कैप्शन में लिखा- दीवाली की मिठाई और रंगोली तो डबल हो सकती है लेकिन प्रदूषण नहीं। आइए दीवाली खुशियों के साथ मनाएँ न कि धुएँ के साथ क्योंकि प्रकृति माँ भी हैप्पी दीवाली मनाना डिजर्व करती हैं।

उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। नेटीजन्स उनसे सवाल कर रहे हैं कि आखिर हिंदू त्योहार पर वो इस तरह का ज्ञान देने क्यों आए हैं। ईद पर करोड़ों जानवर कटते हैं तब कोई कुछ क्यों नहीं कहता या जब क्रिसमस पर पटाखे फोड़े जाते हैं तो क्यों उनका विरोध नहीं होता।

इसके अलावा राजपाल यादव की कुछ पुरानी वीडियोज भी शेयर की जा रही है। इन वीडियोज में राजपाल यादव उन विवादित पादरी बजिंदर सिंह के साथ दिखाई दे रहे हैं जो दावा करते हैं कि उनकी प्रार्थना से कैंसर, पैरालाइसिस जैसी बीमारी ठीक हो जाती हैं।

देख सकते हैं कि बजिंदर के पास राजपाल यादव कैसे भक्त बनकर खड़े है। किसी वीडियो में उन्हें चूम रहे हैं तो कहीं उन्हें गले लगाकर ‘यशु-यशु’ का म्यूजिक बनवाकर नाच रहे हैं और कहीं उनका हाथ पकड़कर चल रहे हैं।

ऐसे में लोग उन्हें कह रहे हैं कि राजपल यादव जो आजकल ईसाई धर्म मान रहे हैं उन्हें हिंदुओं के त्योहार दीवाली से क्या समस्या हो रही है। पिक्चर पिट रही हो तो कम से कम काम तो अच्छे करने चाहिए।

बता दें कि राजपाल यादव भूल भुलैया जैसी फिल्मों में हिंदू धर्म और ब्राह्णणों की वेशभूषा का मजाक बना चुके हैं। इसके अलावा जो राजपल यादव आज दीवाली पर पशु प्रमी बनकर दिखा रहे हैं वो समय आने पर ‘बिरयानी बाय किलो’ के विज्ञापन कर चुके हैं।

लोगों का यही सारी वीडियोज देख पूछना है कि आखिर ये चिंताएँ बॉलीवुड कलाकारों में सिर्फ तभी क्यों जागती है जब हिंदू पर्व आए। न क्रिसमस और न ईद कोई प्रेम नहीं जागता।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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