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ईसाई बनने से किया इनकार तो जंजीरों से बाँधा, 1 महीने के बेटे से अलग कर इतना किया टॉर्चर कि मानसिक स्थिति हुई खराब: चल-फिर भी नहीं सकती

दीपाराम के अलावा जेठ शंकर, उमाराम, जेठानी फूली देवी, मंजू और परिवार के अन्य सदस्य भी महिला को प्रताड़ित करने लगे। कथित तौर पर ये सभी लोग ईसाई बन चुके हैं और प्रार्थनाओं में भी शामिल होते थे।

राजस्थान के सिरोही में धर्म परिवर्तन से इनकार कर पर एक महिला को बुरी तरह प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। महिला पर उसके ससुराल के लोग ही ईसाई बनने का दबाव डाल रहे थे। 2 दिसंबर 2024 को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

रिपोर्टों के अनुसार धर्मांतरण से इनकार करने पर महिला को जंजीरों से बाँध कर रखा गया था। उसके साथ मारपीट की गई। उसे उसके एक महीने के बेटे से अलग कर दिया गया। इतना टॉर्चर किया गया कि उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है। अब वह चल-फिर भी नहीं सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सिरोही जिले में आने वाले अनादरा थाना क्षेत्र के गाँव धानेरा का है। जगसी राम ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया है कि करीब 1 साल पहले उनकी बेटी की शादी दीपाराम से हुई थी। कुछ दिनों तक ससुराल में सब सही रहा, लेकिन बाद में उनकी बेटी के साथ मारपीट की जाने लगी। करीब 1 माह पहले उनकी बेटी एक बच्चे की माँ बनी।

शादी के कुछ दिनों बाद उनकी बेटी को पता चला कि उसका पति दीपाराम सोशल मीडिया पर ईसाई मत का प्रचार करता है। वह फोटो और वीडियो शेयर कर अन्य लोगों को भी ईसाई बनने के लिए उकसाया करता था। पोल खुलने के बाद दीपाराम अपनी पत्नी पर भी ईसाई बनने का दबाव बनाने लगा। उससे ईसाईयों के आयोजनों में जाने के लिए कहने लगा। जब पत्नी ने खुद को हिंदू बताते हुए ईसाई बनने से इनकार कर दिया। इसके बाद दीपाराम उसे बुरी तरह से टॉर्चर करने लगा।

दीपाराम के अलावा जेठ शंकर, उमाराम, जेठानी फूली देवी, मंजू और परिवार के अन्य सदस्य भी महिला को प्रताड़ित करने लगे। कथित तौर पर ये सभी लोग ईसाई बन चुके हैं और प्रार्थनाओं में भी शामिल होते थे। प्रताड़ना के बाद भी जब महिला धर्मांतरण को तैयार नहीं हुई तो ससुराल के लोगों ने उसे जंजीरों से बाँध दिया। उसे उसके बच्चे से अलग कर दिया।

महिला को टॉर्चर किए जाने की जानकारी मिलने पर उसके मायके वाले ससुराल पहुँचे। महिला को जंजीरों से मुक्त करवाया और मायके ले आए। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में बताया गया है कि अत्याचार से पीड़िता की मानसिक हालत खराब हो गई है। पीड़िता ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही है। पुलिस ने मामले का संज्ञान ले कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के मुताबिक जाँच से निकले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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