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हिन्दू और जैन मंदिर को बनाते थे निशाना, मूर्तियाँ-कीमती सामान करते थे चोरी:अमीन उर पठान और यासीन शेख को पुलिस ने पकड़ा, बंगाल से अहमदाबाद आकर बनाया था ठिकाना

गिरफ्तार किए गए अमीन उर पठान और यासीन शेख के पास से लगभग ₹7 लाख के सामान बरामद किए गए हैं। ये सामान मंदिरों से चोरी कर के जुटाए गए थे। दोनों चोरों से हुई पुलिस की पूछताछ में 5 ऐसे पुराने मामलों से भी पर्दा उठ गया जिसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया था।

गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने हिन्दू और जैन मंदिर से मूर्तियाँ चोरी करने वाला एक गैंग पकड़ा है। पुलिस ने इस गैंग के 2 चोर को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक 32 साल का यासीन शेख जबकि दूसरा 30 वर्ष का अमीन उर पठान है। इसी गैंग के तीसरे चोर को भी बंगाल में पकड़ा गया है। इसका नाम अहसामुद्दीन है।

इन चोरों ने जैन और हिन्दू मंदिरों को निशाना बना कर कई जगह मूर्तियाँ चोरी की थीं। पुलिस ने बताया है कि इनके खिलाफ पहले से ही डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। यह पूरा खुलासा गुजरात के ही नवसारी के एक जैन मंदिर में हुई चोरी के बाद खुला। यहाँ बिलिमोरा इलाके में स्थित एक मंदिर में पुलिस को चोरी की शिकायत मिली थी।

चोरों ने यहाँ से मूर्तियों समेत कई अन्य कीमती सामान चुरा लिए थे। इसके अलावा गाँधीनगर के अदालज थानाक्षेत्र में भी एक मंदिर को निशाना बना कर मूर्तियों के साथ अन्य महँगी वस्तुएँ चोरी कर ली गईं थीं। इन चोरियों का खुलासा करने के लिए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था।

पुलिस ने मामले की जाँच के बाद अमीन उर पठान और यासीन शेख नाम को चिन्हित किया। ये दोनों मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी निकले। अभी यह अहमदाबाद की चंदोला झील के पास बंगाली कॉलोनी में रह रहे थे। इन दोनों से जब पूछताछ की गई तो इन्होनें अपने गिरोह के तीसरे साथी के तौर पर अहसामुद्दीन शेख का नाम बताया।

पूछताछ में पता चला कि अहसामुद्दीन शेख गुजरात से ट्रेन पकड़ कर कोलकाता भाग रहा है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल रेलवे पुलिस से सम्पर्क किया और अहसामुद्दीन को ट्रेन में ही गिरफ्तार कर लिया गया। अहसामुद्दीन भी मूलतः पश्चिम बंगाल का ही निवासी है।

गिरफ्तार किए गए अमीन उर पठान और यासीन शेख के पास से लगभग ₹7 लाख के सामान बरामद किए गए हैं। ये सामान मंदिरों से चोरी कर के जुटाए गए थे। दोनों चोरों से हुई पुलिस की पूछताछ में 5 ऐसे पुराने मामलों से भी पर्दा उठ गया जिसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया था।

इसमें गुजरात के अलग-अलग जगहों में घरों व मंदिरों में की गई चोरी शामिल है। पुलिस को यह भी पता चला कि यासीन और अमीन उर के खिलाफ साल 2013 से 2018 के बीच लगभग 16 केस दर्ज किए गए हैं। इसमें से 10 मुकदमे अमीन उर पठान जबकि 6 केस यासीन शेख पर दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अमीन उर पठान का गिरोह पहले घरों व मंदिरों की रेकी कर के अपने टारगेट सेट करता था। बाद में मौका देख कर यहाँ हाथ साफ कर दिया जाता था। यह भी सामने आया है कि इन्होने कई और जगहों को निशाने पर लिया था लेकिन उससे पहले ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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