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इस्लामी आतंकी बलात्कारी भी था, छेड़ता था लड़कियों को: मारा गया फारूक अहमद भट उर्फ फारूक नल्ली, दर्ज थे 37 केस

फारूक अहमद भट उर्फ नल्ली ने दक्षिण कश्मीर में कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया और स्थानीय आतंकियों की भर्ती में अहम भूमिका निभाई थी। फारूक भट ने ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वर्कर) नेटवर्क को सक्रिय किया था। इसको देखते हुए A++ कैटेगरी का आतंकी माना गया था। उसके खिलाफ रेप और छेड़छाड़ सहित करीब 37 मुकदमे दर्ज थे। फारूक भट पर 25 लाख रुपए का ईनाम भी रखा गया था।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों ने गुरुवार (19 दिसंबर 2024) को 5 आतंकियों को मार गिराया। इनमें आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर फारूक अहमद भट उर्फ नल्ली भी शामिल है। ये सभी आतंकी कुलगाम के रहने वाले थे। इन सबके खिलाफ करीब 91 मामले दर्ज थे। वहीं, A++ कैटेगरी में शामिल आतंकी फारूक भट के खिलाफ रेप सहित 37 मामले दर्ज थे।

कुलगाम जिले के देसचेन येमरिच इलाके का रहने वाला फारूक घाटी में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले आतंकवादियों में से एक था। वह हिजबुल का सबसे लंबे समय तक कमांडर रहने वाला आतंकी भी था। वह कई आतंकी घटनाओं में शामिल था। इसके अलावा नेताओं को धमकाने, सुरक्षा बलों की हत्या, ग्रेनेड अटैक जैसी वारदातों में उसका हाथ रहा था।

उसने दक्षिण कश्मीर में कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया और स्थानीय आतंकियों की भर्ती में अहम भूमिका निभाई थी। फारूक भट ने ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वर्कर) नेटवर्क को सक्रिय किया था। इसको देखते हुए A++ कैटेगरी का आतंकी माना गया था। उसके खिलाफ रेप और छेड़छाड़ सहित करीब 37 मुकदमे दर्ज थे। फारूक भट पर 25 लाख रुपए का ईनाम भी रखा गया था।

फारूक भट साल 2015 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। साल 2020 में श्रीनगर में एक मुठभेड़ में हिजबुल के ऑपरेशन कमांडर सैफुल्लाह को ढेर किए जाने के बाद उसे समूह की ऑपरेशनल कमान दी गई थी। साल 2020 में नवीद बाबू की गिरफ्तारी के बाद उसे हिजबुल का कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया था। इसकी मौत सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता है।

वहीं, मारा गया एक अन्य आतंकी मुश्ताक अहमद इत्तू साल 2020 से आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय था। उसके खिलाफ 7 केस दर्ज थे। फारूक ने ही मुश्ताक को हिजबुल में भर्ती कराया था। वहीं, इरफान याकूब नाम का आतंकी साल 2022 से, आदिल हजाम साल 2023 से और यासिर जावेद साल 2019 से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। यह सभी कुलगाम के रहने वाले थे।

ये शोपियाँ और कुलगाम जिले में हिजबुल मुजाहिदीन के मॉड्यूल को संचालित कर रहे थे। ये सभी आतंकी लंबे समय से सुरक्षा बलों के रडार पर थे। कमांडर 2 सेक्टर आरआर ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान ने बताया कि सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस पिछले दो महीने से इनके पीछे लगी थी। इसी दौरान सेना को इनपुट मिली कि कुलगाम जिले के बेहिबाग पीएस के कद्देर गाँव में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं।

सेना ने सीआरपीएफ और पुलिस के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा बलों को देखते ही आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद लगभग 6 घंटे के ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने 5 आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ में दो जवान भी घायल हुए थे। आतंकियों के पास से 5 AK-47 राइफल, 20 एके मैगज़ीन, 2 ग्रेनेड के अलावा अन्य हथियार एवं गोला-बारूद बरामद हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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