धर्म परिवर्तन का नेटवर्क चलाने वाला जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर फेरीवाला का काम करता था। वह गाँव-गाँव जाकर कपड़े बेचा करता था। कुछ समय बाद वह अंगूठी और नग बेचने का काम करने लगा। छांगुर के 4 भाई हैं। अब्बा के इंतकाल के बाद से छांगुर ने छोटे-मोटे काम ढूँढकर पैसे कमाने लगा।
देनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, छांगुर की बीवी का नाम कुतबुनिशा है। उसकी 4 बेटियाँ शबनम, साहिबा, सुमौना, छटकाना और एक बेटा महबूब है। साल 2011 और 2016 में छांगुर की बीवी प्रधान बनीं, लेकिन सारा काम छांगुर ही देखता था। इसके बाद उसने फेरीवाला काम बंद कर दिया।
साल 2020 में कोरोना के समय छांगुर मुंबई गया था। वहाँ वरली स्थित सैयद पीर हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह में जाता था। वहीं उसकी मुलाकात नीतू और उसके पति नवीन रोहरा से हुई। दोनों पति-पत्नी की मुंबई में 158 करोड़ की संपत्ति थी।
छांगुर के ब्रेनवॉश करने के बाद नवीन ने सारी संपत्ति बेच दी और मधुपुर गाँव आ गया। अब नवीन और नीतू की जिंदगी के सारे फैसले छांगुर लिया करता था। इन दोनों के कारण ही छांगुर अमीर हुआ। छांगुर का मूल गाँव रेहरामाफी में कच्चा घर है, जिसके गिराकर नया बनाने की तैयारी थी।

