कर्नाटक के धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले में विशेष जाँच टीम (SIT) ने 26 अगस्त 2025 को सामाजिक कार्यकर्ता महेश शेट्टी थिम्मारोडी को गिरफ्तार किया। SIT ने उनके उजीरे स्थित घर की तलाशी ली, जहाँ से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच में पता चला कि महेश ने पिछले दो महीनों से व्हिसलब्लोअर सीएन चिन्नय्या को अपने घर में शरण दी थी। चिन्नय्या ने दावा किया था कि 1998 से 2014 के बीच धर्मस्थल में कई शव, जिनमें यौन शोषण पीड़ित महिलाओं के भी शामिल थे, दफनाए गए। लेकिन SIT ने उनकी पेश की खोपड़ी को नकली पाया, जिसके बाद चिन्नय्या को झूठे सबूत देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
ये तलाशी बेलथांगडी कोर्ट के वारंट के आधार पर की गई। महेश पहले भी बीजेपी नेता बीएल संतोष पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार होकर जमानत पर हैं। बीजेपी ने इस मामले को हिंदू भावनाओं पर हमला बताकर एनआईए जाँच की माँग की है और 1 सितंबर से ‘धर्मस्थल चलो’ आंदोलन की घोषणा भी की है।
बता दें कि चिन्नय्या ने दावा किया था कि 1998 से 2014 के बीच धर्मस्थल में कई शव दफनाए गए थे, जिनमें यौन शोषण का शिकार हुई महिलाओं के शव भी शामिल थे। हालाँकि जाँच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला।

