38 लोगों ने गंवाई जान, 50+ घायल: तमिलनाडु में एक्टर जोसेफ विजय की रैली में कैसे मची भगदड़ चश्मदीदों ने सब बताया, MHA ने स्टालिन सरकार से माँगी तत्काल रिपोर्ट

तमिल अभिनेता और TVK प्रमुख जोसेफ विजय चंद्रशेखर की करूर रैली में शनिवार (27 सितंबर 2025) रात एक बड़ी त्रासदी हुई है। अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस लापरवाही भरे आयोजन से 38 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। 50 से अधिक लोग घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। जिस अभिनेता की रैली में इतने लोगों की मौत हो गई, वो जोसेफ विजय चंद्रशेखर बिना किसी से मिले अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ निजी जेट से मौका पाकर खिसक लिए।

इस भयंकर हादसे ने विजय के राजनीतिक आयोजनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने तमिलनाडु सरकार से तत्काल रिपोर्ट माँगी है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख मुआवजे की घोषणा की है। हादसे की जाँच के लिए रिटायर्ड जज अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में जाँच आयोग का गठन किया गया है। जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने घटना पर दुख जताया है, लेकिन उनकी रैली के कुप्रबंधन पर उंगलियाँ उठ रही हैं।

विजय की रैली में हादसा: भीड़ नियंत्रण में भारी चूक

करूर की यह रैली राजनीतिक कम, फैंस का जुनून ज़्यादा थी। लोगों का हुजूम अपने ‘सुपरस्टार’ की एक झलक पाने के लिए बेताब था। एक चश्मदीद ने बताया कि विजय को देखने के लिए लोग घंटों इंतजार कर रहे थे। भीड़ बेकाबू हो गई और विजय की बस के पीछे भागने लगी। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और लोग जमीन पर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई।

हालाँकि भीड़ में अफरा-तफरी मची हुई थी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार विजय ने अपना भाषण जारी रखा। एक चश्मदीद ने बताया कि कुछ लोग पेड़ की डाल पर चढ़े थे, वे नीचे गिरे और दहशत फैल गई। इसके बावजूद, विजय ने पुलिस को उनके प्रवेश में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया और भाषण जारी रखा। इससे पता चलता है कि उन्होंने अपने समर्थकों की सुरक्षा को नजरअंदाज़ किया।

कुप्रबंधन और मौतों का मंजर

रैली का समय सुबह 8:45 बजे का था, लेकिन विजय दोपहर 3 बजे नमक्कल रैली को संबोधित कर रहे थे। विजय के देर से आने के कारण भी भीड़ का धैर्य टूट गया। एक चश्मदीद ने बताया कि जैसे ही विजय ने बोलना शुरू किया, बिजली काट दी गई, जिससे भगदड़ और बढ़ गई।

करूर के सरकारी अस्पताल में चीख-पुकार मची हुई थी। हर दो मिनट में एम्बुलेंस पहुँच रही थी। एक जीवित बची सुनीता ने बताया कि जिस एम्बुलेंस में वह थीं, उसमें बाकी तीनों लोगों की मौत हो चुकी थी। मरने वालों में 16 महिलाएँ और 6 बच्चे शामिल हैं। यह संख्या लापरवाही की भयावहता को दर्शाती है।

सरकार का एक्शन और सवाल

हादसे के बाद, मुख्यमंत्री स्टालिन ने मुआवजे की घोषणा की। स्टालिन ने अतिरिक्त डॉक्टर और मेडिकल टीमें करूर भेजी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना का जायजा लिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने तमिलनाडु सरकार से पूरी रिपोर्ट तलब की है। सरकार को बताना होगा कि इतनी बड़ी भीड़ के लिए सुरक्षा और बचाव के क्या इंतजाम किए गए थे। तमिलनाडु भाजपा प्रमुख ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। यह स्पष्ट है कि यह हादसा आयोजकों और अभिनेता विजय की टीम के खराब प्रबंधन का नतीजा है।