अमेरिका के कई सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक कड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ट्रंप से भारत के साथ बिगड़ते रिश्तों को तुरंत सुधारने की अपील की है। सांसदों का साफ कहना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) की वजह से दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा है।
सांसदों ने चेतावनी दी है कि इस तनाव के कारण भारत, चीन और रूस के साथ नजदीकी बढ़ा रहा है। यह स्थिति अमेरिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यह पत्र डैबरा के रॉस, रो खन्ना, ब्रैड शरमन, राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, फ्रैंक पैलोन जूनियर और कई अन्य सांसदों ने लिखा है।
US Lawmaker Urge US President Donald Trump to repair India, US ties pic.twitter.com/2KLBdjZRaa
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 9, 2025
भारत क्यों है अमेरिका के लिए जरूरी?
सांसदों ने ट्रंप को भारत के रणनीतिक महत्व की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। भारत क्वाड (QUAD) समूह का भी एक महत्वपूर्ण सदस्य है, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया कि यह टैरिफ नीति दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक तौर पर नुकसान पहुँचा रही है। सांसदों ने इस टैरिफ वृद्धि को ‘बिना सोचे-समझे की गई गलती’ बताया, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को खतरे में डाल रही है।
टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान
सांसदों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से अमेरिकी उद्योगों को चोट पहुँच रही है। इसके चलते अमेरिकी ग्राहकों के लिए चीजें महँगी हो रही हैं। साथ ही, अमेरिकी कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार है, जो संयुक्त सैन्य अभ्यास में शामिल होता है। दोनों देश समुद्री मार्गों की सुरक्षा में भी मिलकर काम करते हैं। सांसदों ने ट्रंप से टैरिफ नीति की समीक्षा करने और भारतीय नेतृत्व के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया।
सांसदों का मानना है कि यह समय टकराव का नहीं, बल्कि संबंधों में संतुलन और पुनर्विचार (recalibration) का है। भारत, अमेरिकी कंपनियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजारों में से एक है। इसलिए रक्षा, ऊर्जा, नवाचार और सप्लाई चेन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना जरूरी है।

