बिना डिग्री के ही फर्जी डॉक्टर बनी तैय्यबा शेख ने किया गलत इलाज, गर्भवती महिला के बच्चे की मौत: आशीर्वाद अस्पताल सील, मध्य प्रदेश के उज्जैन का मामला

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक फर्जी डॉक्टर तैय्यबा शेख पर गंभीर आरोप लगे हैं। उसके गलत इलाज से एक गर्भवती महिला काजल मालवीय के गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। यह घटना 3 अक्टूबर 2025 की है। उस पर पहले भी इसी मामले को लेकर FIR दर्ज हो चुकी है, उसके बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और वह बिना डिग्री के हॉस्पिटल चला रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के दिन काजल को अचानक दर्द हुआ, तो उसका परिवार उसे जीवाजीगंज सरकारी अस्पताल लेकर गया। वहाँ की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर मीणाक्षी जाटव उस समय मौजूद नहीं थीं। अस्पताल की एक आशा कार्यकर्ता ने काजल के परिवार को सलाह दी कि वे उसे तैय्यबा शेख के उज्जैन स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल ले जाएँ।

तैय्यबा शेख ने काजल की जाँच की और परिवार को बताया कि बच्चे के हाथ-पैर नहीं बने हैं, बच्चा विकृत है और काजल को ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी कई उपचारों की जरूरत है। लेकिन इलाज के दौरान काजल की हालत बिगड़ने लगी। जब परिवार उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाना चाहता था, तो तैय्यबा शेख ने उन्हें धमकाया और कहा कि बच्चे का जहर शरीर में फैल जाएगा,  इसलिए उसे कहीं और न ले जाएँ।

परिजन उसकी बात नहीं माने और काजल को एसएन कृष्णा अस्पताल ले गए, जहाँ बिना किसी सर्जरी के काजल ने एक मृत बच्चा जन्मा। परिजनों का कहना है कि बच्चे के सभी हाथ-पैर पूरी तरह बने हुए थे और कोई विकृति नहीं थी, जैसा तैय्यबा ने बताया था।

बाद में परिवार को पता चला कि तैय्यबा शेख असली डॉक्टर नहीं है, उसके पास कोई मान्य डिग्री नहीं है जिससे वह डिलीवरी या गर्भवती महिलाओं का इलाज कर सके। गुस्से में परिवार ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की माँग की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैय्यबा शेख के आशीर्वाद हॉस्पिटल को सील कर दिया।

पहले भी इसी मामले में दर्ज हो चुकी है FIR

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि स्वास्थ्य विभाग को पहले से पता था कि तैय्यबा शेख फर्जी डॉक्टर है। करीब छह महीने पहले भी उस पर एक गर्भस्थ बच्चे की मौत कराने का आरोप लगा था। उस समय उसने चारक हॉस्पिटल से एक गर्भवती महिला को अपने पुराने क्लिनिक में शिफ्ट कराया था, जहाँ उसने डिलीवरी की और बच्चा गंभीर हालत में पैदा हुआ। बाद में उस बच्चे की मौत हो गई। उस मामले में भी अस्पताल सील हुआ था और FIR दर्ज की गई थी।

इसके बावजूद तैय्यबा शेख कुछ समय बाद फिर से उज्जैन में नया अस्पताल खोलकर इलाज करने लगी। अब ताजा मामले में उसके खिलाफ शिकायत के बाद भी तुरंत FIR नहीं हुई। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तैय्यबा शेख की ओर से मामला सुलझाने के लिए धमकी भरे फोन आ रहे हैं।

स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस की लापरवाही पर गुस्सा जताया है, क्योंकि विभाग पहले से जानता था कि वह फर्जी डॉक्टर है, फिर भी उसे दोबारा क्लिनिक खोलने दिया गया। अब स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल सील कर दिया है और जाँच शुरू की गई है, लेकिन लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी लापरवाही से कितनी और जिंदगियाँ खतरे में पड़ सकती हैं।

URL – Fake doctor Tayyaba Sheikh running hospital for months exposed after child death Madhya pradesh