GN साईबाबा की बरसी पर TISS में लगे भारत विरोधी नारे, शरजील-खालिद के समर्थन पर 10 छात्रों के खिलाफ FIR: पुलिस बोली- बिन परमिशन किया कार्यक्रम का आयोजन

मुंबई पुलिस ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के लगभग 10 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने रविवार (12 अक्टूबर 2025) को संस्थान परिसर में बिना अनुमति के एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम दिल्ली दंगों के आरोपित शर्जील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने और गैरकानूनी जमावड़ा करने के कारण विवादों में आ गया। पुलिस ने यह कार्रवाई TISS प्रशासन की शिकायत पर की है, क्योंकि कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (13 अक्टूबर 2025) को मुंबई पुलिस ने TISS के लगभग 10 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी एन साईबाबा की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया था। साईबाबा की मृत्यु 12 अक्टूबर 2024 को हुई थी। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर शर्जील इमाम और उमर खालिद जैसे आरोपितों के समर्थन में नारे लगाए।

यह मामला TISS प्रशासन की ओर से की गई शिकायत के बाद दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों पर राष्ट्र विरोधी भावना फैलाने, सामाजिक समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और गैरकानूनी जमावड़ा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने साफ किया कि छात्रों ने इस कार्यक्रम के लिए मुंबई पुलिस से कोई अनुमति नहीं ली थी।

TISS के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम छुट्टी के दिन रात करीब 9 बजे हुआ था और प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि यह बिना अनुमति के आयोजित किया गया था।

सोशल मीडिया पर हंगामा और संस्थान की कार्रवाई

कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। इन पोस्टों में मुंबई पुलिस और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को टैग करके सवाल उठाए गए थे कि संस्थान में ऐसा ‘राष्ट्र-विरोधी’ कार्यक्रम कैसे होने दिया गया। TISS प्रशासन अब FIR में नामित छात्रों को शो-कॉज नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।

साईबाबा कौन थे?

पूर्व प्रोफेसर जी एन साईबाबा को नक्सल संबंधों के आरोप में यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। लगभग 10 साल जेल में बिताने के बाद उन्हें बरी कर दिया गया था। 12 अक्टूबर 2024 को हैदराबाद में उनकी मौत हो गई थी।