गुजरात में भूपेंद्र पटेल कैबिनेट का विस्तार, हर्ष संघवी डिप्टी CM तो रिवाबा जडेजा समेत 19 नए मंत्रियों ने ली शपथ: 6 पुराने चेहरों को मौका, 2027 के चुनाव का दिखा संतुलन

गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को कैबिनेट का बड़ा विस्तार हुआ। गाँधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम पटेल और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा की मौजूदगी में दोपहर करीब 1 बजे 21 मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें हर्ष संघवी को डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाया गया, जो पहले गृह मंत्री थे। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 26 लोग हो गए हैं।

खास बात ये रही कि 19 नए चेहरे शामिल हुए, जबकि सिर्फ 6 पुराने मंत्री बरकरार रहे। नए मंत्रियों में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा (जामनगर नॉर्थ से विधायक) और पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाड़िया (पोरबंदर से) जैसे बड़े नाम हैं, जो हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए। गुजरात कैबिनेट में जो छह मंत्री रिपीट हुए हैं। उनमें ऋषिकेश पटेल, कुंवरजी बावलिया, कनुभाई देसाई, हर्ष संघवी, प्रफुल पानशेरिया और परसोत्तम सोलंकी हैं। इनमें हर्ष संघवी और प्रफुल्ल पानशेरिया को प्रमोशन हुआ है। सिर्फ हर्ष और पानशेरिया ने शपथ ली। बाकी मंत्री इस्तीफा नामंजूर से यथावत रहे।

कैबिनेट में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ख्याल रखा गया। पाटीदार समुदाय से सात मंत्री, जिसमें सीएम पटेल भी शामिल हैं। ओबीसी से आठ, अनुसूचित जाति (एससी) से तीन (जैसे दर्शना वाघेला), अनुसूचित जनजाति (एसटी) से चार। महिलाओं को तीन जगहें मिलीं।

सौराष्ट्र क्षेत्र से प्रतिनिधित्व बढ़ाकर आठ विधायक स्तर पर पहुँचा, जो पहले पाँच था। बरकरार मंत्रियों में कनुभाई देसाई, कुँवरजी बावलिया, जितुभाई वाघाणी, कांतिलाल अमृतिया जैसे नाम हैं। पूरी सूची में त्रिकम छंग, स्वरूपजी ठाकोर, प्रवीण माली, पीसी बरंडा, दर्शन वाघेला, कौशिक वेकरिया, रमेश कटारा, मनीषा वकील, डॉ. जयराम गामित, नरेश पटेल जैसे कई नए चेहरे हैं।

ये विस्तार 2021 से भूपेंद्र पटेल सरकार का पहला बड़ा फेरबदल है। इससे पहले, गुरुवार (16 अक्टूबर 2025) को सभी मंत्री (सीएम को छोड़कर) ने इस्तीफे सौंप दिए थे, ताकि नई रणनीति बनाई जा सके। इसका मकसद 2026 के स्थानीय निकाय चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी है। पार्टी को नई ऊर्जा देने, युवाओं और पूर्व विपक्षी नेताओं को जगह देकर बीजेपी की पकड़ मजबूत करना लक्ष्य है।

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में बीजेपी के पास 156, कॉन्ग्रेस के 17 और आम आदमी पार्टी के 5 हैं। अधिकतम 27 मंत्रियों की सीमा में ये कैबिनेट बनी है। इससे सरकार के कामकाज में नयापन आएगा और पार्टी संगठन मजबूत होगा। राजनीतिक हलचल से गुजरात में बीजेपी का वर्चस्व और बढ़ेगा।