‘माँ काली की प्रतिमा को जेल वैन में ले गई ममता की पुलिस’: बंगाल में मूर्ति तोड़े जाने को लेकर BJP का TMC पर हमला, केंद्रीय मंत्री ने बताया- हिंदुओं के लिए अंतिम चेतावनी

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप के चाँदनगर गाँव में माँ काली की मूर्ति के साथ की गई तोड़फोड़ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना का एक वीडियो X पर शेयर कर दावा किया है कि ममता बनर्जी की पुलिस ने माँ काली की खंडित प्रतिमा को जेल वैन में ले गई है। इसके बाद TMC ने आरोप लगाया कि बीजेपी माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मालवीय ने बुधवार (22 अक्टूबर 2025) को X पर एक पोस्ट में लिखा, “माँ काली मंदिर में माँ काली की प्रतिमा का अपमान, तृणमूल सरकार की प्रशासनिक उदासीनता का एक स्पष्ट उदाहरण है।” उन्होंने लिखा, “पूरा इलाका माँ काली मंदिर में मूर्ति के अपमान के बाद गुस्से से उबल रहा है। जिस मंदिर में ग्रामीण वर्षों से पूजा करते आए थे उसे उपद्रवियों ने अपवित्र कर दिया है।”

मालवीय ने आगे लिखा, “प्रशासन की भूमिका और भी शर्मनाक थी। पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और तुरंत मंदिर को बंद करने का आदेश दिया, मानो उनका मुख्य काम अपराधियों को पकड़ने के बजाय अपराध को छुपाना था। जनता के आक्रोश का सामना करते हुए, प्रशासन को अंततः मंदिर को फिर से खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

इसके कुछ देर बाद अमित मालवीय ने एक और पोस्ट कर दावा किया कि बंगाल पुलिस माँ काली की प्रतिमा को जेल वैन में ले गई थी। मालवीय ने घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए X पर लिखा, “इस अपमान को छिपाने की कोई जगह नहीं है। जिहादियों ने माँ काली की मूर्ति को खंडित कर दिया और देवी का सिर अलग कर दिया।”

मालवीय ने आगे लिखा, “अपराधियों को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने ग्रामीणों पर ही बल प्रयोग किया। सत्ता के इस खुलेआम दुरुपयोग से हिंदुओं में आक्रोश फैल गया और वे विरोध में एकजुट हो गए। सुंदरबन जिले के एसपी कोटेश्वर राव सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ माँ काली की मूर्ति को जेल वैन में ले जाकर मौके से फरार हो गए।”

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है। मजूमदार ने X पर लिखा, “असफल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के नेताओं ने कई मौकों पर सनातन हिंदू अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुँचाने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। आज पश्चिम बंगाल में सबसे शर्मनाक घटना घटी है!”

उन्होंने लिखा, “माँ काली की मूर्ति को जेल वैन में रख दिया गया! यह घटना न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि हर श्रद्धालु को शर्म से सिर झुकाने पर मजबूर कर देती है। ममता बनर्जी की बेशर्म तुष्टिकरण की राजनीति के कारण, बंगाल का हर हिंदू भय और अनिश्चितता में जी रहा है।”

मजूमदार ने इस घटना को हिंदुओं के लिए अंतिम चेतावनी बताया है। उन्होंने लिखा, “माँ काली का सार्वजनिक रूप से अपमान करने का यह अतिवादी कृत्य बंगाली हिंदुओं के लिए अंतिम चेतावनी है। बंगाल के उत्पीड़ित हिंदू तृणमूल कांग्रेस नामक हिंदू-विरोधी दुष्ट शक्ति को उखाड़ फेंकेंगे। बंगाल की जनता माँ काली का यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।”

बंगाल पुलिस ने क्या कहा?

वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस ने X पर पोस्ट किया, “काकद्वीप में हुई एक घटना के बारे में कुछ लोग गलत सूचना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। तथ्य यह है कि सूर्यनगर ग्राम पंचायत के एक गाँव के मंदिर में देवी काली की मूर्ति आज सुबह क्षतिग्रस्त पाई गई। इस शरारत के पीछे के व्यक्ति/व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया थ और मूर्ति का विसर्जन करने से भी इनकार कर दिया था। पुलिस ने कहा, “पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जाम हटाने के लिए घंटों तक समझाया क्योंकि जनता को गंभीर असुविधा हो रही थी। मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी फँसी हुई थीं। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया शुरू की गई।”

TMC ने बीजेपी पर लगाया राजनीति करने का आरोप

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने बीजेपी पर इस घटना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। TMC के एक प्रवक्ता ने NDTV को बताया, “पुलिस ने इस मामले को स्पष्ट कर दिया है। कुछ लोग इस मुद्दे पर विकृत राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस कार्रवाई कर रही है।”

वहीं, एक स्थानीय TMC नेता ने बीजेपी पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। नेता ने PTI से कहा, “BJP इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस को जाँच पूरी करने दीजिए। हम इस इलाके में सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश की निंदा करते हैं।”