पाकिस्तान से पहले अफगानिस्तान में घिरा था लादेन, बुर्का पहन भागकर अमेरिकी सेना से बचाई थी जान: CIA के पूर्व अधिकारी ने किया बड़ा खुलासा

15 सालों तक CIA में रहे अधिकारी जॉन किरियाको ने दावा किया है कि 11 सितंबर 2001 के न्यूयॉर्क हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान के तोरा बोरा इलाके में अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन को घेर लिया था। अमेरिकी सेना को लगा कि लादेन अब उनके हाथ लग गया है लेकिन वह महिला के वेश में बुर्का पहनकर भाग निकला था।

किरियाको ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी कमांडर का ट्रांसलेटर असल में अल-कायदा का सदस्य था, जिसने सेना की जासूसी की और लादेन को बचाया। लादेन ने पहाड़ से नीचे आने के लिए समय माँगा और महिलाओं तथा बच्चों को निकालने का बहाना दिया। इसके बाद वह अंधेरे में एक पिकअप ट्रक के पीछे बैठकर पाकिस्तान भाग गए।

तोरा बोरा में घेराबंदी के बावजूद, लादेन का भागना अमेरिकी सेना के लिए बड़ा चैलेंज था। 9/11 हमलों में 3,000 लोग मारे गए थे। अमेरिकी सेना ने मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में ओसामा बिन लादेन का पता लगाकर 2 मई को विशेष बलों के ऑपरेशन में उसे मार गिराया था।

पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाको ने बताया कि तोरा बोरा में अल-कायदा के भागने के बाद लड़ाई पाकिस्तान तक पहुँची। उस समय अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध बेहद करीबी थे और परवेज़ मुशर्रफ को अरबों डॉलर की सहायता दी गई थी। किरियाको ने बताया कि 2002 में लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने पर छापे में अल-कायदा का ट्रेनिंग मैनुअल मिला, जिससे दोनों संगठनों के रिश्ते उजागर हुए।