भाजपा ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कॉन्ग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने दावा किया है कि 1939 में मुस्लिम लीग ने सरदार पटेल पर दो घातक हमले कराए थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने 86 साल तक इस सच को चुपचाप दबाए रखा क्योंकि यह ‘सच्चाई असहज’ करने वाली थी।
जानकारी के अनुसार, भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर समाचार क्लिपिंग और दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि जब सरदार पटेल प्रजामंडल आंदोलन के माध्यम से रियासतों को एकजुट कर रहे थे, तब मुस्लिम लीग ने तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित होकर हिंसा भड़काई।
पहली घटना 20 जनवरी, 1939 को वडोदरा में मुस्लिम लीग समर्थित गुंडों ने पटेल के जुलूस पर पथराव किया और प्रजामंडल कार्यालय में आग लगा दी। दूसरी घटना भावनगर में 14 मई, 1939 को जब सरदार पटेल पाँचवीं प्रजा परिषद का नेतृत्व करने पहुँचे, तो एक पूर्व-नियोजित षड्यंत्र के तहत उन पर हमला हुआ। इतिहासकार रिजवान कादरी ने वडोदरा और भावनगर में हुए इन हमलों का सच उजागर किया है।
भाजपा ने दावा किया कि इस हमले में बच्चू वीरजी और जाधवजी मोदी नामक दो देशभक्त पटेल की रक्षा करते हुए शहीद हो गए और दर्जनों लोग घायल हुए। पार्टी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कॉन्ग्रेसी इतिहासकारों ने इस पूरे मामले को पाठ्यपुस्तकों और अभिलेखागार से मिटा दिया। भाजपा ने कहा कि पटेल पर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि भारत की एकता पर हमला था, जिसे कॉन्ग्रेस ने छुपाया।

