नसीरुद्दीन-फिरदौस-वासिफ-अपू ने किया था दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से गैंगरेप, रियाजुद्दीन-शफीक ने की छेड़छाड़ और डकैती: पुलिस ने दायर की 861 पन्नों की चार्जशीट

बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप के तीन हफ्ते बाद आसनसोल पुलिस ने गुरुवार (30 अक्टूबर 2025) को दुर्गापुर उप-जिला अदालत में 861 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें कुल छह आरोपितों के नाम शामिल हैं, जिनमें पीड़िता का दोस्त और कॉलेज का छात्र वासिफ अली भी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रा के दोस्त वासिफ पर रेप का आरोप है जबकि तीन स्थानीय लोगों नसीरुद्दीन शेख, फिरदौस शेख और अपू बाउरी पर गैंगरेप, डकैती और वसूली का आरोप लगाया गया है। दो अन्य स्थानीय निवासी, रियाजुद्दीन शेख और शफीक शेख पर छेड़छाड़, डकैती और वसूली के आरोप हैं।

रियाजुद्दीन और शफीक शेख को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि त्वरित जाँच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई है। कोर्ट ने मामले में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) का आदेश दिया है।

घटना की रात का पूरा सच और जाँच के खुलासे

पश्चिम वर्धमान जिले के दुर्गापुर में 10 अक्टूबर 2025 की रात एक निजी मेडिकल कॉलेज की सेकेंड ईयर की MBBS छात्रा से गैंगरेप की घटना सामने आई। पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली है और शोपापुर के पास स्थित आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पढ़ाई कर रही थी।

घटना वाली रात करीब 8:30 बजे वह अपने दोस्त वासिफ अली के साथ कॉलेज कैंपस से बाहर घूमने निकली थी। दोनों मोहानबाघन एवेन्यू के सुनसान इलाके में टहल रहे थे, जो दुर्गापुर गवर्नमेंट कॉलेज के पास पड़ता है। इसी दौरान आरोपितों ने छात्रा का अपहरण कर उसे कॉलेज के पीछे जंगल वाले इलाके में ले जाकर बारी-बारी दुष्कर्म किया। जब यह घटना हुई, तब वासिफ अली वहाँ से भाग गया और बाद में वापस लौटा।

11 अक्टूबर 2025 को पीड़िता के पिता के दुर्गापुर पहुँचने के बाद FIR दर्ज की गई। यह घटना सामने आते ही पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे, लेकिन इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की निंदा करने के बजाय कहा कि लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए रात में कॉलेज कैंपस से बाहर नहीं जाना चाहिए।

उनके इस बयान के बाद राज्य में और भी विरोध तेज हो गया। पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ यौन हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बिवास चट्टोपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने जाँच पूरी कर ली है और अब दो महीने के भीतर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।