ISI की सीक्रेट यूनिट ‘S1’ जो भारत में करवाती है आतंकी हमले, 1993 के मुंबई अटैक से पहलगाम हमले तक सबमें हाथ: पाकिस्तानी फौज के ‘गाजी’ हैं कर्ताधर्ता

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया संस्था ISI की एक गुप्त और खतरनाक इकाई ‘S1’ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी डिकोड की है। इसमें 1993 के मुंबई सीरियल बम हमलों से लेकर हाल ही के पहलगाम आतंकी हमले जैसे कई हमलों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दस्तावेजों और शीर्ष सूत्रों के अनुसार S1 जिसे ‘Subversion One’ या सब-वर्जन वन कहा जाता है, दशकों से भारत विरोधी आतंकवाद के पीछे की मुख्य कड़ी रही है। इसी यूनिट को 1993 के मुंबई सीरियल बम हमलों से लेकर पहलगाम हमले जैसे कई बड़े हमलों के पीछे की मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, S1 की रूपरेखा करीब 25 साल पहले तैयार की गई थी और इसे पाकिस्तान की एक विशेष सैन्य-खुफिया संरचना के रूप में तैनात रखा गया। इस यूनिट का मकसद साफ तौर पर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देना और सुरक्षा व्यवस्था को डि-स्टेबलाइज करना है। सुरक्षा एजेंसियों को मिलने वाली जानकारी में यह भी कहा गया है कि S1 को बड़ी रकम और व्यवस्थित फंडिंग उपलब्ध कराई जाती है, जिनमें ड्रग व्यापार से जुड़ा धन एक प्रमुख स्रोत है।

S1 के नेतृत्व की जिम्मेदारी पाकिस्तान आर्मी के कर्नल-रैंक के दो वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई मानी जाती है, जिनके कोडनाम ‘गाजी 1’ और ‘गाजी 2’ बताए गए हैं। इस यूनिट का मुख्यालय इस्लामाबाद में स्थित है और इसके संचालन में आतंकवादियों की भर्ती, प्रशिक्षण, हथियार आपूर्ति और हमलों की योजनाबद्ध रूपरेखा शामिल है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि S1 न केवल अलग-अलग आतंकी समूहों का समर्थन करती है बल्कि खुद उनके अभियानों की देखरेख भी करती है।

प्रशिक्षण और ऑपरेशन के स्तर पर S1 बेहद पेशेवर है। इनके प्रशिक्षक आईईडी व बम निर्माण, हथियारों के उपयोग और निशाना साधने के तकनीकी गुरों में माहिर हैं। प्रशिक्षक अक्सर लंबी दाढ़ी और पठानी वेश-भूषा धारण कर के स्थानीय आतंकी कैंपों में घुल मिल जाते हैं और कई बार अपनी असल पहचान छिपा कर नौसिखिए आतंकियों को विस्फोटक तथा हमला संचालन की प्रशिक्षण देते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों ट्रेनर S1 से प्रशिक्षण ले चुके हैं और उन्हें भारत में भेज कर इस्तेमाल किया गया। इस खतरनाक यूनिट के पास भारत के अलग-अलग हिस्सों के विस्तृत नक्शे तथा लक्ष्य-स्थलों की सूक्ष्म जानकारियाँ भी हैं।