जिन्हें महागठबंधन ने बनाया डिप्टी CM का दावेदार, अब तक खाता नहीं खोल पाई उन मुकेश सहनी का पार्टी: VIP प्रमुख बोले- मंथन करेंगे

बिहार में डिप्टी सीएम बनने का सपना देख रहे VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी को जनता ने नकार दिया है। इस चुनाव में उनकी पार्टी का खाता भी नहीं खुल रहा। अपनी हार पर ‘सन ऑफ मल्लाह’ ने मंथन करने की बात कही है।

मुकेश सहनी ने कहा, “हम इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और NDA को जीतने पर उनको मैं बधाई देता हूँ। माताओं-बहनों का वोट NDA के पक्ष में गया है, जिसके कारण उनकी इतनी बड़ी जीत हो रही है। मैं जनादेश का सम्मान करते हुए इसे(हार) स्वीकार करता हूँ। आने वाले समय में हम और मंथन करेंगे कि विफल होने का क्या कारण है।”

दरअसल मुकेश सहनी और उनकी पार्टी को ऐसा आशंका नहीं थी कि उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा। डिप्टी सीएम बनने का दावा करने वाले नेता की पार्टी को एक भी सीट नहीं आएगा। ये पार्टी के साथ-साथ मुकेश सहनी के लिए भी शर्मनाक है। मल्लाह जाति का प्रतिनिधित्व करने का दम भरने वाले मुकेश सहनी और विकासशील इंसान पार्टी को सचमुच अपनी रणनीति पर मंथन करने की जरूरत है।

2018 में मुकेश सहनी ने वीआईपी का गठन किया था। 2020 का विधान सभा चुनाव उन्होंने एनडीए के घटक दल के रूप में लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 4 सीटें मिली। इसका फायदा मिला और उन्हें मछलीपालन मंत्री बना दिया गया। वीआईपी ने जिन सीटों को जीता था, उनमें बोचाहा, गौरा बौराम, अलीनगर और साहेबगंज शामिल है। हालाँकि साहेबगंज के वीआईपी विधायक राजेश कुमार सिंह ने बाद में बीजेपी ज्वाइन कर लिया।

2022 में एनडीए की सरकार गिर गई और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। एनडीए जब सत्ता में आई तब तक उनका मन बदल गया और उन्होंने महागठबंधन का दामन थाम लिया।

2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने जब मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का चेहरा घोषित किया, तो ये उनकी रणनीतिक जीत मानी जा रही थी। उन्होंने महागठबंधन के सीएम चेहरा तेजस्वी यादव को अपना ‘छोटा भाई’ भी बताया। लेकिन रिजल्ट आया तो जनता ने ‘बड़े मियाँ-छोटे मियाँ’ दोनों को चारो खाने चित कर दिया।