इन सबके बीच तेजस्वी यादव का संजय ‘प्रेम’ खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। तेजस्वी यादव के साथ साए की तरह रहने वाले संजय यादव के खिलाफ तेजस्वी कुछ नहीं सुनना चाहते। राबड़ी आवास पर जब बहन रोहिणी आचार्य ने पार्टी की हार के लिए संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया, तो तेजस्वी ने गालियाँ दी और चप्पल फेंक कर मारा, ऐसा रोहिणी ने ही दावा किया है।
रोहिणी के परिवार और राजनीति से नाता तोड़ने के पीछे भी संजय यादव ही बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि तेजस्वी से वही मिल पाता है, जिससे संजय यादव चाहते है। इस बार चुनाव में टिकट बँटवारे से लेकर चुनाव स्ट्रेटजी, कॉन्ग्रेस के साथ विवाद और पार्टी की हार सबके लिए कार्यकर्ता संजय यादव को जिम्मेदार बता रहे हैं।
इन सबके बावजूद तेजस्वी यादव खुलकर संजय यादव का बचाव कर रहे हैं। विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी की हार के लिए संजय यादव को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने बहुत मेहनत की है। इस दौरान उन्होंने विधायक दल का नेता नहीं बनने का दाँव भी चला।
जाहिर है सारे विरोधी उनके चुप हो गए। लालू यादव भी इस बैठक में तेजस्वी यादव के साथ ही आए थे। उनकी मौजूदगी में तेजस्वी ने विरोधियों को शांत करा दिया।

