नवंबर 2024 में दिल्ली में 2500 करोड़ रुपए की कोकीन एनसीबी ने बरामद की थी। उस मामले में भी पवन ठाकुर का नाम सामने आया था। इसके बाद एनसीबी ने गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से मदद माँगी। उसके खिलाफ ‘सिल्वर नोटिस’ जारी किया गया।
एनसीबी को उसके हवाला कारोबार का भी पता चला है। इसके जरिए वह अपनी काली कमाई को सफेद करता रहा है। उसका हवाला नेक्सस दिल्ली से दुबई तक फैला हुआ है। दुबई में बैठकर वह मनी लॉन्ड्रिंग से ड्रग्स तस्करी तक का कारोबार चला रहा था।
एनसीबी के साथ-साथ ईडी की भी पवन ठाकुर पर कड़ी नजर है। भारत में उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। 118 ‘म्यूल अकाउंट्स’ को फ्रीज किया गया।
पवन ठाकुर की गिरफ्तारी कई मायने में अहम है। उससे पूछताछ में कई छोटे-बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पता चल सकता है। इंटरनेशनल, नेशनल और लोकल हर तरह के रैकेटों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

