पूर्व सीजेआई ने आज तक से खास बातचीत में साफ किया है कि उन्हें ‘एंटी हिन्दू’ कहना गलत है। पूर्व सीजेआई ने साफ किया कि वो सरकारी जिम्मेदारी नहीं लेंगे, हालाँकि राजनीति में एंट्री को लेकर उन्होंने कुछ साफ नहीं कहा है। उन्होंने जुडिशरी में भ्रष्टाचार, बुलडोजर, हेट स्पीच समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
जूता फेंके जाने वाली घटना पर पूर्व सीजेआई गवई ने कहा कि उन पर इस हमले का कोई असर नहीं पड़ा। इस हमले के पीछे का मकसद भी उन्हें नहीं मालूम। हालाँकि घटना के बाद कोर्ट में टिप्पणियों को लेकर वह काफी सतर्क हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी कही कई बातों को सोशल मीडिया पर तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया।
जूता फेंकने वाली घटना 6 अक्टूबर 2025 की है। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने जूता निकाल कर तत्कालीन सीजेआई गवई की तरफ फेंकने की कोशिश की थी।
घटना के बाद थोड़ी देर के लिए कोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। हालाँकि CJI गवई शांत रहे और बाकी वकीलों से कहा कि वे इस हंगामे से विचलित न हों और अपनी दलीलें जारी रखें।
पूर्व सीजेआई गवई ने न्यायपालिका पर सरकार दे दबाव को सिरे से खारिज करते हुए कहा, ‘मेरे कार्यकाल में न तो सरकार से किसी ने फोन किया, न किसी तरह का दबाव डाला गया. ट्रांसफर और नियुक्तियों में कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।’
उन्होंने संसद से हेट स्पीच पर कानून बनाने की अपील भी की। उन्होंने पीएमएलए मामले में जेल के बजाए जमानत दिए जाने पर जोर दिया।

