महाराष्ट्र में MVA को झटका, 46 नेताओं ने एक साथ दल छोड़ा: 26 BJP में हुए शामिल, 7 एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़े और 13 अजित पवार की NCP में

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के ठीक एक साल बाद ही विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेता अपनी पार्टियों को छोड़ महायुति में शामिल होने लगे हैं। MVA के टिकट पर चुनाव हारने वाले 46 उम्मीदवारों ने हाल में सत्ताधारी दल का रुख किया है, जिनमें सबसे ज्यादा 26 नेता सीधे BJP में शामिल हो गए, जबकि 13 अजित पवार की NCP में और 7 एकनाथ शिंदे की शिवसेना में पहुँच गए। इनके अलावा तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी सत्ता पक्ष का साथ पकड़ा है।

2024 में MVA का प्रदर्शन कैसा रहा और किन इलाकों में हुए फेरबदल

विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी और 288 में से 235 सीटें अपने नाम कर ली थीं। इसमें अकेले BJP को 132 सीटें, शिंदे की शिवसेना को 57 सीटें और अजित पवार की NCP को 41 सीटें मिली थीं। दूसरी तरफ MVA सिर्फ 50 सीटों पर सिमट गया था, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 20, कॉन्ग्रेस को 16 और शरद पवार की NCP (SP) को सिर्फ 10 सीटें मिलीं।

दिलचस्प बात यह है कि अधिकतर जो नेता अब दल बदल रहे हैं, वे उन्हीं इलाकों से आते हैं जिन्हें पहले शिवसेना (UBT) के मजबूत गढ़ माना जाता था। इससे साफ दिखता है कि सत्ता पक्ष अपनी बड़ी जीत के बाद अब और भी आक्रामक तरीके से खुद को मजबूत करने में जुटा है।

एक वरिष्ठ NCP नेता के अनुसार, सत्ता पक्ष विपक्ष के रनर-अप नेताओं को अपनी ओर खींच रहा है, क्योंकि इससे विपक्ष और कमजोर होता है और साथ ही उन्हें 2029 के चुनावों के लिए रणनीति बनाने व गठबंधन की अंदरूनी राजनीति संभालने में भी मदद मिलती है।

शिवसेना (UBT) को लगा सबसे ज्यादा झटका, उसके बाद NCP (SP) और कॉन्ग्रेस हैं

MVA में सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को लगा है, क्योंकि उसके 19 पूर्व उम्मीदवार महायुति में शामिल हो चुके हैं, जबकि NCP(SP) के 13 और कॉन्ग्रेस के 10 उम्मीदवारों ने भी पार्टी बदल दी है।

इनके साथ तीन निर्दलीय और एक PWP उम्मीदवार भी सत्ता पक्ष में चले गए हैं। कातोल से NCP(SP) के उम्मीदवार सलील देशमुख ने भले ही अपनी पार्टी छोड़ दी है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी अगली राजनीतिक दिशा तय नहीं की है, इसलिए उन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।

BJP ने मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और कोकण पर खास ध्यान दिया है, मराठवाड़ा में 16 MVA रनर-अप नेताओं ने दल बदला, जिनमें 8 BJP, 5 NCP और 3 शिंदे सेना में गए, उत्तर महाराष्ट्र के 11 नेताओं में से 10 BJP और 1 NCP में शामिल हुए, जबकि कोकण, जो पारंपरिक रूप से UBT का गढ़ माना जाता है, वहाँ से 5 नेता BJP, 3 शिंदे सेना और 2 NCP के साथ जुड़ गए हैं।

फेरबदल देख भड़का विपक्ष

शिवसेना (UBT) ने इस बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। पार्टी के प्रवक्ता हर्षल प्रधान का कहना है कि BJP पर मजबूत स्थानीय नेतृत्व नहीं है और वह पोचिंग करके दल से जोड़े नेतृत्व पर निर्भर है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP विपक्षी नेताओं पर CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दबाव डालकर उन्हें अपने पक्ष में खींच रही है।