अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के दो सैनिकों पर गोलीबारी के बाद गिरफ्तार किया गया आरोपित रहमानुल्लाह लाकनवाल अब जाँच एजेंसियों के रडार पर है। यह घटना बुधवार (26 नवंबर 2025) की दोपहर हुई थी, जिसमें दोनों सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
सामने आया है कि लाकनवाल पहले अमेरिका की सेना के साथ काम कर चुका था। वह अफगानिस्तान की पुरानी सरकार के समय ‘01 यूनिट’ में तैनात था। यह स्पेशल यूनिट अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा बनाई, ट्रेन की गई और आधुनिक हथियारों से लैस की गई थी।
Afghan man who killed two US National Guards near White House in Washington DC was part of a secretive unit of the CIA. CIA got him smooth US entry days before Taliban took control of Kabul. This show failure of American deep state. Same fate if they give Pakistan such support. pic.twitter.com/ukt1ooYx6A
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) November 27, 2025
अफगान तालिबान सरकार का कहना है कि इस यूनिट के कई सदस्यों को अब मानसिक तनाव और गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में इन समस्याओं की वजह से आत्महत्या और हिंसक हमलों जैसी घटनाएँ भी सामने आई हैं। यही वजह है कि इस घटना के बाद जाँच एजेंसियाँ लाकनवाल के मानसिक स्वास्थ्य और पृष्ठभूमि की भी जाँच कर रही हैं।
कौन है रहमानुल्लाह?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 29 वर्षीय लाकनवाल अफगानिस्तान से आया था और सितंबर 2021 में Operation Allies Welcome कार्यक्रम के तहत उसे अमेरिका में प्रवेश मिला था। यह वही कार्यक्रम था जिसके तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद हजारों अफगानों को जल्दी प्रोसेसिंग के साथ अमेरिका में शरण दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक, रहमानुल्लाह ने पहले अफगान सेना में लगभग 10 साल तक सेवा की थी और वह कंधहार में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज तथा CIA से जुड़े ऑपरेशनों में पार्टनर फोर्स का हिस्सा भी रह चुका था। उसे अमेरिकी साझेदार सैनिक मानकर 2021 के chaotic evacuation के दौरान अमेरिका लाया गया था।
सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने पुष्टि की है कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ काम करता था और इसी आधार पर उसे अमेरिका में जगह मिली।
परिवार ने क्या कहा?
बताया गया है कि अमेरिका आने के बाद वह वॉशिंगटन स्टेट में रहने लगा था और उसका परिवार, पत्नी और 5 बच्चे भी उसी राज्य में रहते थे। हालाँकि उसके परिवार का कहना है कि पिछले कई महीनों से उनसे उसका कोई संपर्क नहीं था और वे इस घटना से सदमे में हैं।
परिवार के एक सदस्य ने मीडिया को बताया,“हम तालिबान के निशाने पर थे, हम अमेरिका के साथ थे… हमें समझ नहीं आ रहा उसने ऐसा क्यों किया।” परिवार का कहना है कि वह मानसिक रूप से किस स्थिति में था या उसकी गतिविधियां क्या थीं, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं थी।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियाँ उसके मोटिव, मानसिक स्थिति और किसी संभावित नेटवर्क की जाँच कर रही हैं, हालाँकि शुरुआती जाँच में उसे लोन वुल्फ (अकेला हमलावर) माना जा रहा है।

