श्रीलंका में चक्रवात दितवाह के कहर से 56 मौतें, भारत ने मदद के लिए INS विक्रांत-उदयगिरि को भेजा: PM मोदी का संदेश- जरूरत पड़ी तो और सहायता देंगे

भारत ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को तत्काल राहत सामग्री भेजी है, जबकि पीएम मोदी ने तूफान में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। देश के दो प्रमुख बैटलशिप INS विक्रांत और INS उदयगिरि भी राहत मिशन के लिए कोलंबो पहुँच चुके हैं।

चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है, जिससे बाढ़, भूस्खलन (Landslide) और तेज हवाओं ने सैकड़ों घरों को नुकसान पहुँचाया है। हालात इतने गंभीर हो गए कि पूरे देश में सेना तैनात करनी पड़ी।

इस बीच, भारत ने अपनी पड़ोसी Principles of Ocean First Policy and Vision को आगे बढ़ाते हुए तत्काल मानवीय सहायता भेजकर एक बार फिर संकट की घड़ी में संवेदनशील नेतृत्व का परिचय दिया है।

पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए श्रीलंका में चक्रवात से जान गवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और HADR (मानवीय सहायता एवं आपदा राहत) सपोर्ट भेज दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति की आवश्यकता के अनुसार भारत अतिरिक्त सहायता देने के लिए तैयार है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी दी कि भारतीय नौसेना के दो प्रमुख बैटलशिप INS विक्रांत और INS उदयगिरि कोलंबो पहुँच चुके हैं और राहत सामग्री श्रीलंकाई अधिकारियों को सौंप दी गई है। ये दोनों जहाज अपने पहले विदेशी मिशन पर हैं और इसी दौरान श्रीलंका में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2025 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

श्रीलंका ने तैनात किए 20000+ जवान

श्रीलंका सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 20,500 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। अब तक 3,490 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि मौतों का आंकड़ा 56 तक पहुँच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की संभावना है।