कई सालों तक जब ओमप्रकाश नहीं लौटे तो गाँव वालों को लगा कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन, जब यूपी में SIR शुरू हुआ तो वे फॉर्म भरने अपने 15 साल के बेटे जुम्मन के साथ गाँव वापस आ गए। दरअसल एसआईआर के दौरान दस्तावेज को लेकर ओमप्रकाश को दिक्कत हो रही थी। इसलिए उन्हें बरेली अपने पुश्तैनी घर तक आना पड़ा।
बरेली : SIR को लेकर 40 साल बाद घर लौटा ओमप्रकाश
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) November 29, 2025
➡15 साल की उम्र में घर छोड़कर गया था दिल्ली
➡दिल्ली में अपना लिया मुस्लिम धर्म, बना सलीम
➡ओमप्रकाश ने दिल्ली की शाहबानो से किया निकाह
➡4 बेटियां और एक बेटा, SIR में खुली पोल,घर लौटा
➡पैतृक गांव में हिंदू धर्म अपनाया हुआ भव्य… pic.twitter.com/6FLHxC8C0G
गांव वालों को जब उनकी पहचान का पता चला, तो पहले तो भरोसा नहीं हुआ, लेकिन फिर ग्रामीणों ने फूल-माला, बैंड-बाजे और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया। ओम प्रकाश के पिता का देहांत हो चुका है। ओम प्रकाश के साथ उनकी बहन चंद्रकली भी आई है।
ओम प्रकाश के मुताबिक घर से भागने के बाद वह कुछ दिन बरेली में मजदूरी की। इसके बाद दिल्ली चले गए। कोई पहचान पत्र नहीं होने पर मोहल्ले के लोगों ने उसे नया नाम और पता दर्ज कर आईडी कार्ड बनवाई। उनका मोहल्ले की शाहबानों से निकाह हो गया। उससे उनकी चार बेटियाँ और एक बेटा जुम्मन है। जुम्मन को साथ लेकर वह बरेली वापस आए हैं।

