दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं की जाँच में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नोटिस जारी किया है। उनसे वित्तीय दस्तावेज और लेन-देन का पूरा ब्यौरा माँगा गया है।
29 नवंबर 2025 को भेजे गए नोटिस में शिवकुमार से कहा गया है कि वे 19 दिसंबर 2025 तक जाँच अधिकारियों के सामने पेश हों या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएँ।
Delhi Police Issues Notice To D K Shivakumar In National Herald Casehttps://t.co/fMaj1Ag7CM@anushkagarg2000 reports pic.twitter.com/6rwyTM52eU
— NDTV (@ndtv) December 6, 2025
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिवकुमार के पास इस केस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मौजूद हैं। उनसे व्यक्तिगत वित्तीय विवरण, कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़े संबंध और उन फंड्स का ब्यौरा माँगा गया है जो कथित तौर पर उनके या उनसे जुड़े संस्थानों द्वारा यंग इंडियन को भेजे गए थे।
भुगतान के पीछे के निर्देशों पर माँगा गया स्पष्टीकरण
जाँचकर्ताओं ने बैंक ट्रांसफर के उद्देश्य, पैसों के स्रोत, यंग इंडियन या AICC के पदाधिकारियों के साथ संवाद और भुगतान के पीछे के निर्देशों पर स्पष्टीकरण माँगा है। इसके अलावा उनके आयकर रिटर्न, वित्तीय विवरण और दान से संबंधित प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
क्या है नेशनल हेराल्ड केस का मामला?
यह मामला 2013 में शुरू हुआ था जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शिकायत दर्ज की थी कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की लगभग 988 करोड़ रुपए की संपत्ति 2010 में यंग इंडियन कंपनी को मात्र 50 लाख में ट्रांसफर की गई।
यंग इंडियन में सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की 76% हिस्सेदारी है। 3 अक्टूबर को दर्ज FIR में सोनिया-राहुल गाँधी, सैम पित्रोदा और अन्य सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप शामिल हैं। EOW और ED के हेडक्वार्टर ने 2008 से 2024 तक नेशनल हेराल्ड मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में विस्तृत निष्कर्ष साझा किए हैं।

