बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत विरोधी बयानबाजी खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में बांग्लादेश फौज के रिटायर्ड अधिकारी और BNP के नेता कर्नल अब्दुल हक ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग करने की खुली अपील की है। उन्होंने दावा किया कि जब तक भारत के पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को अलग नहीं किया जाता, तब तक बांग्लादेश सुरक्षित नहीं होगा।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए हक ने कहा कि बांग्लादेश को युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि वे भारत का मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा, “जब तक हम भारत के 7 उत्तर-पूर्वी राज्यों को अलग नहीं करेंगे और उन्हें 7 नए देशों में नहीं बदलेंगे, तब तक बांग्लादेश सुरक्षित नहीं है।”
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— Northeast Live (@NELiveTV) December 6, 2025
उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत के कई उत्तर-पूर्वी लोग भारत से अलग होना चाहते हैं, लेकिन अब तक बांग्लादेश उनकी मदद नहीं कर पाया। उन्होंने कहा, “अगर भारत हमारे देश में दखल दे सकता है, तो हम वहाँ 7 नए देश क्यों नहीं बना सकते?”
हक ने कहा, “लोग कहते हैं कि आप अपने पड़ोसी को नहीं बदल सकते, मैं कहता हूँ कि हाँ, हम पड़ोसी नहीं बदल सकते, लेकिन हम नए पड़ोसी बना सकते हैं। नए पड़ोसी बनाकर हम बांग्लादेश को एक मज़बूत स्वतंत्र राष्ट्र बना पाएँगे।”
भारत पर लगाए कई आरोप
हक ने आगे कहा कि भारत बांग्लादेश की राजनीति, प्रशासन और फौज में दखल दे रहा है। उन्होंने सत्ताधारी अवामी लीग पर भारत समर्थक होने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, भारत की निगाह चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स पर है और भारत ‘चिकन नेक’ (22 किलोमीटर का संकरा इलाका जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी भारत से जोड़ता है) को काटकर उस क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है।
उन्होंने दावा किया कि अगर वे चिकन्स नेक पर कब्जा कर लेते हैं, तो उनके लिए बाकी क्षेत्र पर कब्जा करना आसान हो जाएगा। जमात नेता ने लोगों से अपील की कि भारत की कथित योजनाओं को रोकने के लिए देश को जुलाई के प्रदर्शनों की तरह एकजुट होना होगा।
कर्नल हक साल 2023 में फौज से रिटायर हुए थे और उन्हें जमात-ए-इस्लामी की विचारधारा वाला माना जाता है। वे खालिदा जिया की पार्टी BNP के सक्रिय नेता हैं। BNP और जमात दोनों को भारत विरोधी रुख वाली पार्टियों के रूप में देखा जाता है।
पूर्व जनरल अब्दुल्लाहिल अजमी ने भी की थी भड़काउ बयानबाजी
यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश के सैन्य या राजनीतिक नेताओं ने इस तरह के बयान दिए हों। इससे पहले बांग्लादेशी फौज के पूर्व जनरल अब्दुल्लाहिल अजमी ने भी कहा था, “जब तक भारत विभाजित नहीं होता, बांग्लादेश में सच्ची शांति असंभव है।”
"Bangladesh will not see full peace, until India breaks into pieces"- Abdullah Aman al Azmi(Ret.) Brigadier General. pic.twitter.com/AmxH11Z3QL
— 7th Nawab (@AshrafulAlam397) December 3, 2025
वहीं अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भी भारत के उत्तर-पूर्व को सिर्फ सिलिगुड़ी कॉरिडोर के भरोसे जुड़ा ‘लैंडलॉक्ड इलाका’ बताया था। इन लगातार बयानों से साफ है कि बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद भारत विरोधी समूह फिर सक्रिय हो रहे हैं और खुलकर भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठा रहे हैं।

