अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अमेरिकी बाजार में चावल ‘डंप’ करने का आरोप लगाया है। व्हाइट हाउस में हुए राउंडटेबल में ट्रंप ने कहा कि वह इस मुद्दे को तुरंत ‘टैरिफ लगाकर’ सुलझा देंगे। यह चर्चा तब हुई जब लुइजियाना की एक कारोबारी मेरिल केनेडी ने बताया कि दक्षिणी राज्यों के किसान मुश्किल में हैं और भारत, थाईलैंड और चीन (पर्टो रिको में) सस्ते चावल भेज रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने अधिकारियों से पूछा कि भारत को यह कैसे करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो टैरिफ बढ़ाकर इस समस्या को ‘एक दिन में खत्म’ किया जा सकता है। बैठक के दौरान ट्रंप ने किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की सहायता की भी घोषणा की।
#WATCH | US President Donald Trump asks the United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent, "Why is India allowed to do that ("dumping rice into the US")? They have to pay tariffs. Do they have an exemption on rice?"
— ANI (@ANI) December 8, 2025
United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent… pic.twitter.com/75tKFYt37G
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक और निर्यातक है, लेकिन अमेरिका में उसकी हिस्सेदारी बहुत कम है। 2024 में भारत ने सिर्फ 2.34 लाख टन चावल अमेरिका भेजा, जो उसके कुल निर्यात का मामूली हिस्सा है। भारतीय निर्यातकों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ भले चुनौती हों, लेकिन लंबी अवधि में भारत की कीमतें और गुणवत्ता उसकी ताकत हैं।
वहीं, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी किसानों को ‘फेयर ट्रेड’ चाहिए और दोषी देशों पर कड़े टैरिफ ही इसका हल हैं।

