UNESCO की अमूर्त विरासत सूची में शामिल हुई दीपावली, PM मोदी बोले- यह हमारी सभ्यता की आत्मा है

भारत को एक बड़ी खुशी मिली जब दीपावली को UNESCO की प्रतिष्ठित ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल कर लिया गया। यह घोषणा बुधवार (10 दिसंबर 2025) को दिल्ली के लाल किले में चल रही यूनेस्को की इंटरगवर्नमेंटल कमिटी की 20वीं बैठक के दौरान हुई। यह पहली बार है जब भारत इस बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा है। यूनेस्को ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए भारत को बधाई दी।

पीएम मोदी ने जताई खुशी

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया कि यह भारत और पूरी दुनिया के लिए बहुत उत्साह की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि दीपावली हमारी सभ्यता की आत्मा है और प्रकाश तथा धर्म का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने कहा कि UNESCO सूची में आने से दीपावली की वैश्विक प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे ‘जिम्मेदारी का टैग’ बताया और कहा कि अब इस विरासत को जीवित रखना हमारी प्राथमिकता है।

भारत की सूची में अब 16 विरासतें

दीपावली के इस सूची में जुड़ने के साथ ही, भारत के पास अब UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की लिस्ट में कुल 16 तत्व हो गए हैं। इससे पहले, इसमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, योग, वेदों का पाठ (Vedic Chanting), रम्मण और गुजरात का गरबा जैसे 15 सांस्कृतिक तत्व शामिल थे। इस सूची में दीपावली के साथ-साथ दुनिया के 67 अन्य सांस्कृतिक तत्वों को भी जगह मिली है, जैसे घाना का हाईलाइफ संगीत और मिस्र का क़ोशरी व्यंजन।

छठ पूजा पर भी होगी समीक्षा

इसी बैठक में एक और महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार छठ पूजा को भी इस सूची में शामिल करने के लिए समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई है। संस्कृति मंत्रालय ने इसके लिए संगीत नाटक अकादमी को प्रस्ताव की जाँच करने के निर्देश दिए हैं।