पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का माहौल गर्म है और इसी बीच गुरुवार (11 दिसंबर 2025) को कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में कई खास पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में यह घोषणा की गई है कि पूर्वी कोलकाता में अयोध्या की तरह ही एक भव्य राम मंदिर कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। दावा किया गया है कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें मंदिर के साथ-साथ स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम और अन्य सामाजिक सुविधाएँ भी होंगी।
स्थानीय बीजेपी नेता ने किया ऐलान
ये पोस्टर स्थानीय बीजेपी नेता और बिधाननगर यूनिट के पूर्व अध्यक्ष संजय पोयरा के नाम से जारी किए गए हैं। शहर के मुख्य स्थानों, जैसे सिटी सेंटर और करुणामयी, पर लगे इन पोस्टरों में कहा गया है कि लगभग चार बीघा जमीन पर अयोध्या जैसा ही विशाल मंदिर बनाया जाएगा।
इसके लिए लोगों से सिर्फ एक-एक रुपए का योगदान देने की अपील की गई है। पोयरा ने इसे ‘राम राज्य’ के विचार पर आधारित एक सामाजिक-आध्यात्मिक अभियान बताया है।
राम नवमी पर होगा भूमिपूजन
संजय पोयरा ने ऐलान किया कि इस मंदिर परिसर का शिलान्यास और भूमिपूजन अगले साल 26 मार्च 2026 को राम नवमी की सुबह 10 बजे किया जाएगा। हालाँकि, उन्होंने अभी तक जमीन की सटीक जगह बताने से मना कर दिया है।
संजय पोयरा का कहना है कि अगर अभी स्थान सार्वजनिक कर दिया गया, तो इसमें बाधाएँ खड़ी हो सकती हैं। पोयरा का दावा है कि कई लोग जमीन, निर्माण सामग्री और मूर्तियाँ दान करने की पेशकश कर चुके हैं, और एक रुपए का योगदान भी सहर्ष स्वीकार किया जाएगा।
मंदिर परिसर में होंगी जनसेवा की सुविधाएँ
प्रस्तावित मंदिर कॉम्प्लेक्स सिर्फ पूजा स्थल नहीं होगा। पोयरा के अनुसार, इसमें सामाजिक सुविधाओं पर जोर दिया गया है। कॉम्प्लेक्स में गरीबों के लिए अस्पताल, बच्चों के लिए स्कूल, वृद्धों के लिए ओल्ड-एज होम और महिलाओं के उत्थान के लिए सशक्तिकरण कार्यक्रम भी शामिल होंगे। यह कोशिश भक्ति और जनसेवा को एक साथ जोड़ने की है।
टीएमसी के ‘बाबरी फाउंडेशन’ का जवाब?
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में 6 दिसंबर 2025 को बाबरी विध्वंस बरसी के दिन, निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर ने मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में बाबरी की नींव रखी थी। इसके जवाब में बीजेपी ने उसी दिन मुर्शिदाबाद में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन किया था और ममता सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था।
यह नया राम मंदिर प्रोजेक्ट इस राजनीतिक खींचतान को और बढ़ाने का काम कर सकता है। हालाँकि, बिधाननगर सिविक अथॉरिटी ने अभी तक इस निर्माण के लिए किसी औपचारिक आवेदन की पुष्टि नहीं की है।

