श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शनिवार (13 दिसंबर 2025) को अयोध्या में एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। ट्रस्ट ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों और श्रद्धालुओं की स्मृति में एक भव्य स्मारक के निर्माण की योजना को मंजूरी दी है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि रामलला अपने परिवार के साथ मंदिर निर्माण के समय जिस जगह पर अस्थाई मंदिर में रहे थे, उस पवित्र जगह पर भी एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। ये जगह मूल जन्मस्थान के मंदिर के पास में ही है। दरअसल, मूल मंदिर के स्थान पर टेंट में रह रहे रामलला को लॉक डाउन के समय योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया गया था, ताकि मूल जगह पर भव्य मंदिर का निर्माण हो सके। उसी अस्थाई मंदिर की जगह पर लोग रामलला के दर्शन कर रहे थे और अब वहाँ भी भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की। बैठक में प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी और राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगाँठ से जुड़े कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust was held today under the chairmanship of Pujya Shri Mahant Nritya Gopal Das, in which various issues were discussed, including the programs proposed for Pratishtha Dwadashi.
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) December 13, 2025
The Trust has decided that, at the place where… pic.twitter.com/c1O4r636WB
ट्रस्ट के अनुसार, नया मंदिर और उससे सटा स्मारक श्री राम मंदिर आंदोलन के बलिदानों को स्थायी श्रद्धांजलि देगा। गौरतलब है कि 1990 में राम मंदिर निर्माण की माँग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई कारसेवक मारे गए थे। यह घटनाएँ विशेष रूप से 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को हुई थीं।
उस समय की मुलायम सरकार ने 28 मौतों की पुष्टि की थी, जबकि हिंदू संगठनों का दावा संख्या अधिक होने का रहा है। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के कार्यक्रम अंगद टीला पर आयोजित किए जाएँगे। 27 से 31 दिसंबर 2025 तक मंडल पूजा, श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ, राम कथा, भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी।

