कभी हैदराबाद में रहता था सिडनी में यहूदियों पर गोलीबारी करने वाला साजिद, 27 साल पहले छोड़ा भारत: ISIS ने बनाया आतंकी, तेलंगाना पुलिस ने जारी किया बयान

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व के दौरान यहूदियों पर गोलीबारी करने वाले आंतकी साजिद अकरम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि साजिद हैदराबाद का निवासी है। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साजिद 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था और उसके या उसके बेटे नवीद के कट्टरपंथी बनने का भारत या तेलंगाना में किसी स्थानीय असर से कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस ने हैदराबाद में साजिद के परिवार के हवाले से बताया कि साजिद का अपने परिवार से बहुत कम संपर्क था। ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद वह 27 साल में सिर्फ 6 बार ही भारत आया। जब भी वह हैदराबाद आया, तो उसका कारण प्रॉपर्टी से जुड़े काम, पारिवारिक मामले या अपने बुजुर्ग माता-पिता से मिलना था। साल 2009 में अपने पिता की मौत पर भी वह भारत नहीं आया। उसने अपनी 80 साल की बीमार माँ की तबीयत के बारे में भी कभी नहीं पूछा था।

पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से भारत नहीं आया था। हालाँकि, उसके परिवार के कुछ अन्य रिश्तेदार हैदराबाद में रहते हैं। साजिद ने ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और वहीं स्थायी रूप से बस गया। इस फैसले से परिवार नाराज हो गया और उन्होंने साजिद से अपने रिश्ते तोड़ लिए। साजिद के दो बच्चे हैं, एक बेटा नवीद और एक बेटी। उसका बेटा नवीद अकरम (24) गोलीबारी की घटना में साजिद के साथ शामिल था और फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। साजिद के पास भारतीय पासपोर्ट है जबकि बेटा और बेटी ऑस्ट्रेलिया के नागरिक हैं।

पुलिस के अनुसार, साजिद के परिवार वालों ने उसकी किसी भी कट्टरपंथी सोच या गतिविधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। परिवार ने यह भी नहीं बताया कि वह किन परिस्थितियों में कट्टरपंथ की ओर बढ़ा। पुलिस का कहना है कि साजिद और नवीद के कट्टरपंथी बनने के पीछे भारत या तेलंगाना की किसी भी स्थानीय स्थिति या प्रभाव की कोई भूमिका नहीं है। तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड में 1998 में भारत छोड़ने से पहले साजिद अकरम के खिलाफ कोई आपराधिक या नकारात्मक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।

साजिद और नवीद के हमले में कुल 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 10 साल की बच्ची और हिटलर के नरसंहार से बचे 87 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं। घटना के दौरान साजिद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नवीद गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में भर्ती है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) की विचारधारा से प्रभावित थे।