कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कई विवादित बयान देकर नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय जवानों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था।
पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चव्हाण ने दावा किया कि ऑपरेशन के पहले ही दिन भारत को बड़ा झटका लगा। उनके मुताबिक, 7 दिसंबर को हुई एक छोटी हवाई लड़ाई में कथित तौर पर भारत की हार हुई, जिससे भारतीय एयरफोर्स को पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के खतरे के कारण वहीं रुकना पड़ा।
चव्हाण ने आरोप लगाया, “पहले दिन, हम पूरी तरह हार गए थे। आधे घंटे की हवाई लड़ाई में, भारतीय एयरक्राफ्ट मार गिराए गए। लोग मानें या न मानें, यही हुआ है।” उन्होंने आगे दावा किया कि ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा जैसे खास एयरबेस से किसी भी एयरक्राफ्ट ने उड़ान नहीं भरी, और कहा कि भारतीय जेट के मार गिराए जाने की संभावना बहुत ज़्यादा थी, जिससे एयरफोर्स को असल में ग्राउंड करना पड़ा।
चव्हाण के बयान के बाद सियासी गलियारों में बवाल मच गया है। BJP ने चव्हाण पर आरोप लगाया कि वे कॉन्ग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी की भाषा बोल रहे हैं। बीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान सेना को कमजोर करते हैं और दुश्मनों के प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देते हैं।
कॉन्ग्रेस नेता चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तरीके पर भी सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि इस लड़ाई में कोई भी जमीनी हलचल नहीं हुई और यह सिर्फ हवाई और मिसाइल हमलों तक ही सीमित थी।
उन्होंने कहा, “पूरे ऑपरेशन के दौरान, मिलिट्री की एक किलोमीटर की भी मूवमेंट नहीं हुई। दो या तीन दिनों में जो कुछ भी हुआ, वह पूरी तरह से हवाई लड़ाई और मिसाइल लड़ाई थी। भविष्य की लड़ाइयाँ भी इसी तरह लड़ी जाएँगी। उस कॉन्टेक्स्ट में, क्या हमें सच में 12 लाख सैनिकों की आर्मी रखने की जरूरत है, या उन्हें कहीं और तैनात किया जा सकता है?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आसमानी दबदबा भविष्य की लड़ाइयों को तय करेगा, जिसका मतलब है कि भारत के मिलिट्री स्ट्रक्चर और फोर्स की तैनाती पर फिर से सोचने की जरूरत है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 आम लोग मारे गए थे। चव्हाण ने भारतीय फाइटर जेट्स को मार गिराए जाने की आशंका भी जताई, जबकि भारत सरकार ने ऐसे दावों को साफ तौर पर मना कर दिया है।
सेना ने अधिकारिक तौर पर कई बार कहा है कि ऑपरेशन सफल रहा और राफेल फाइटर जेट, SCALP क्रूज मिसाइल और HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों जैसे एडवांस्ड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराया गया।
सेना के अधिकारिक बयान के बावजूद चव्हाण के बयान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के राजनीतिक बहस को फिर से हवा दे दी है, जिससे न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर के बारे में, बल्कि इस बारे में भी सवाल फिर से उठ गए हैं कि विपक्षी नेता भारत की मिलिट्री कार्रवाई को सार्वजनिक तौर पर कैसे परोसते हैं।

