बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की हत्या के मामले में रैपिड एक्शन बटालियन (RAB-14) ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस बात की पुष्टि देश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार (20 दिसंबर 2025) को सोशल मीडिया के जरिए की।
7 आरोपित गिरफ्तार, यूनुस ने की पुष्टि
इस वीभत्स घटना के बाद हड़कंप मच गया है। रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित लिमोन सरकार सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद लिमोन सरकार, मोहम्मद तारिक हुसैन, मोहम्मद मानिक मिया, एरशाद अली, निजुम उद्दीन, आलमगीर हुसैन और मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन के रूप में हुई है।
देश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने खुद सोशल मीडिया पर इन गिरफ्तारियों की जानकारी दी। मोहम्मद यूनुस ने साफ कहा कि लोकतंत्र के इस दौर में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ময়মনসিংহ হিন্দু যুবককে পিটিয়ে হত্যার ঘটনায় গ্রেফতার ৭
— Chief Adviser of the Government of Bangladesh (@ChiefAdviserGoB) December 20, 2025
ময়মনসিংহ, ২০ ডিসেম্বর ২০২৫: ময়মনসিংহের ভালুকায় সনাতন ধর্মাবলম্বী যুবক দিপু চন্দ্র দাসকে (২৭) পিটিয়ে হত্যার ঘটনায় সাত ব্যক্তিকে সন্দেহভাজন হিসেবে গ্রেফতার করেছে র্যাপিড অ্যাকশন ব্যাটালিয়ন (র্যাব)
গ্রেফতারকৃতরা…
देश में भड़की हिंसा का माहौल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में आगजनी और दंगे हो रहे हैं। इसी गुस्से की आड़ में उपद्रवियों ने बड़े अखबारों के दफ्तर जला दिए और अब अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस हिंसा पर गहरी चिंता जताई है और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
#Bangladesh: We call on the authorities to conduct a prompt, impartial, thorough & transparent investigation into the attack that led to the death of Sharif Osman Bin Hadi, a prominent leader of last year’s demonstrations.
— UN Human Rights (@UNHumanRights) December 19, 2025
Everyone should refrain from violence. Retaliation &… pic.twitter.com/In5w5l6IwF
दुनिया भर में निंदा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने इस हिंसा और प्रतिशोध की राजनीति को खतरनाक बताया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले पत्रकारों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल पुलिस इलाके में शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन डर का माहौल बना हुआ है।

