आतिशी पर गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का गंभीर आरोप, BJP ने की FIR दर्ज कर विधायकी रद्द करने की माँग: फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया वीडियो

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े एक कथित वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए न सिर्फ आतिशी के खिलाफ FIR की माँग की है, बल्कि उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने तक की बात कही है। विवाद बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने वीडियो की फोरेंसिक जाँच के आदेश दिए हैं और मामला विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

भाजपा नेताओं का आरोप है कि नवंबर 2025 में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगाँठ पर हुई विशेष चर्चा के बाद आतिशी ने असंवेदनशील टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। भाजपा का कहना है कि यह टिप्पणी सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है और इसे सदन की अवमानना माना जाना चाहिए।

आतिशी ने क्या कहा?

आतिशी ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनका बयान प्रदूषण और विधानसभा में हो रहे विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में था, न कि किसी सिख गुरु को लेकर। आम आदमी पार्टी का दावा है कि वायरल वीडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई और उसमें गलत सबटाइटल जोड़कर गुरु तेग बहादुर जी का नाम डाला गया।

AAP विधायकों ने इसे एक राजनीतिक साजिश बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपी, जिसके बाद वीडियो को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजने का फैसला लिया गया।

बीजेपी के आरोप और कार्रवाई की माँग

भाजपा नेताओं का कहना है कि वीडियो लाइव फीड का हिस्सा था और मीडिया ने भी उसे देखा है, ऐसे में एडिटिंग का दावा गलत है। कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने आतिशी से सार्वजनिक माफी की माँग करते हुए कहा कि अगर गलती हुई थी तो माफी माँगने से मामला खत्म हो सकता था।

भाजपा ने इस पूरे प्रकरण को सदन की गरिमा से जुड़ा बताते हुए विशेषाधिकार समिति से समयबद्ध जाँच और FIR दर्ज करने की माँग की है। इस विवाद के चलते दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार (8 जनवरी 2026) को लगातार दूसरे दिन ठप रही।

भारी हंगामे के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को स्थगित करते हुए वीडियो की फोरेंसिक जाँच के निर्देश दिए हैं और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।