अमेरिकी सेना ने शनिवार (10 जनवरी 2026) को सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई पिछले महीने पलमायरा में हुए उस घातक आतंकी हमले के जवाब के तौर पर की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक दुभाषिए की मौत हो गई थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य अभियान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ का हिस्सा है, जिसका मकसद ISIS की कमर तोड़ना और भविष्य के हमलों को रोकना है।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) January 10, 2026
पलमायरा हमले का बदला और शुरू हुआ ऑपरेशन
CENTCOM के अनुसार, शनिवार (10 जनवरी 2026) को दोपहर करीब 12:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं ने सीरिया के कई इलाकों में ISIS के ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमला 13 दिसंबर 2025 को पलमायरा में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जहाँ ISIS ने अमेरिकी और सीरियाई बलों पर घात लगाकर हमला किया था।
उस हमले में आयोवा के रहने वाले दो अमेरिकी सैनिक, सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवार और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड की मौत हुई थी, वहीं एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर सकत की भी जान गई थी। इसके अलावा आयोवा नेशनल गार्ड के तीन अन्य जवान घायल हुए थे।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी: ‘ढूँढेंगे और खत्म करेंगे’
हवाई हमलों के बाद जारी बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी। सैन्य कमान ने कहा कि अगर किसी ने अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुँचाया, तो उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूँढकर खत्म किया जाएगा। CENTCOM ने दोहराया कि इन हमलों का उद्देश्य सिर्फ बदला लेना नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ दीर्घकालिक लड़ाई में अपने सैनिकों और सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या है ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’
‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को की गई थी। पहले चरण में अमेरिकी सेना ने मध्य सीरिया में ISIS के करीब 70 ठिकानों पर एक साथ हमले किए थे। शनिवार (10 जनवरी 2026) की कार्रवाई इसी अभियान का अगला और अहम चरण है।
इस ऑपरेशन में अमेरिका के साथ जॉर्डन और अन्य सहयोगी देश भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले भी इसी अभियान के तहत संयुक्त हमले किए जा चुके हैं।
ISIS को दोहरी चोट, नेतृत्व पर भी कार्रवाई
इन हवाई हमलों से एक दिन पहले ही सीरियाई अधिकारियों ने दावा किया था कि उन्होंने ‘लेवेंट’ क्षेत्र में ISIS के सैन्य अभियानों के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। एक ओर संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर शिकंजा, दूसरी ओर लगातार हो रहे हवाई हमले, इन दोनों कार्रवाइयों को ISIS के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सत्ता के पतन के बाद यह सीरिया में अमेरिकी कर्मियों पर पहला जानलेवा हमला था। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ISIS के खिलाफ उसका अभियान जारी रहेगा और आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
url – US military airstrikes Syria targets Islamic State ISIS response terrorist attack Palmyra last month

