किसी भी तरह के भेदभाव की न हो बात, केवल लोक-कल्याण रहे मकसद: PM मोदी ने 28वें CSPOC में देश के विकास पर की चर्चा, कहा- UPI से वैक्सीन तक भारत लगातार आगे बढ़ रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जनवरी 2026 को संसद भवन के संविधान सदन में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय सम्मेलन में 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों से 61 स्पीकर और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

तीन दिवसीय सम्मेलन में सभापतियों और पीठाधीशों की भूमिका, AI का संसदीय कार्यों में उपयोग, सामाजिक मीडिया का प्रभाव और राष्ट्रव्यापी नागरिक भागीदारी जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। गुरुवार को उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने कहा, “यह चौथा अवसर है, जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तब कई लोगों को संदेह था कि देश की अपार विविधता के बीच लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। हालाँकि, यही विविधता भारतीय लोकतंत्र की ताकत बन गई। यह आशंका भी थी कि लोकतंत्र जड़ पकड़ भी ले, तो भी भारत को प्रगति करने में कठिनाई होगी। इन शंकाओं के विपरीत, भारत ने यह साबित कर दिया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ और प्रक्रियाएँ उसके विकास को स्थिरता, व्यापकता और गति प्रदान करती हैं।”

लोकतंत्र का महत्व बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत में लोकतंत्र का अर्थ, अंतिम मील डिलीवरी (Last Mile Delivery) है। हमने लोक कल्याण की भावना से हर व्यक्ति के लिए बिना किसी भेदभाव से काम कर रहे हैं। और इसी लोक कल्याण की भावना के कारण बीते कुछ वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।”

देश के विकास पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। आज भारत में UPI दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन प्रोड्यूसर है। आज भारत दुनिया का नंबर-2 स्टील प्रोड्यूसर है। आज भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है। आज भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। आज भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है।”