अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सिसी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। इस पत्र में ट्रंप ने गाजा में इजरायल-हमास युद्धविराम में सिसी की भूमिका की सराहना करते हुए नील नदी के पानी बंटवारे के पुराने विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिकी मध्यस्थता दोबारा शुरू करने की पेशकश की है।
पत्र में ट्रंप ने लिखा है कि वह मिस्र और इथियोपिया के बीच नील जल बंटवारे के मुद्दे को जिम्मेदारी से हल करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD) को लेकर चल रहे तनाव को शीर्ष प्राथमिकता बताया और चेतावनी दी कि कोई भी देश नील के संसाधनों पर एकतरफा नियंत्रण नहीं कर सकता।
ट्रंप ने पत्र में लिखा, “मैं मिस्र और इथियोपिया के बीच अमेरिकी मध्यस्थता दोबारा शुरू करने के लिए तैयार हूँ, ताकि ‘नील नदी के पानी के बंटवारे’ का सवाल पूरी तरह और जिम्मेदारी से हल हो सके। मेरी टीम और मैं समझते हैं कि नील नदी मिस्र और उसके लोगों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। मैं आपकी मदद करना चाहता हूँ ताकि ऐसा समझौता हो जो भविष्य में लंबे समय तक मिस्र, सूडान गणराज्य और इथियोपिया की पानी की जरूरतों को सुरक्षित रखे।”
ट्रंप ने आगे लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका इस बात की पुष्टि करता है कि इस क्षेत्र का कोई भी देश नील नदी के कीमती संसाधनों पर अकेले कब्जा नहीं कर सकता और इस प्रक्रिया में अपने पड़ोसियों को नुकसान नहीं पहुँचा सकता। एक सफल तरीका यह होगा कि सूखे और लंबे सूखे के सालों में मिस्र और सूडान के लिए पानी की नियमित और भरोसेमंद रिलीज की गारंटी हो, जबकि इथियोपिया को बहुत बड़ी मात्रा में बिजली बनाने की अनुमति मिले। शायद उस बिजली का कुछ हिस्सा मिस्र और/या सूडान को दिया जा सके या बेचा जा सके।”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को पत्र लिखा है।
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) January 17, 2026
पत्र में ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम में मिस्र की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने क्षेत्र में शांति प्रयासों के लिए मिस्र के नेतृत्व को अहम बताया है।… pic.twitter.com/xCTDy192J4
पत्र में ट्रंप ने सिसी को गाजा युद्धविराम में उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि GERD को लेकर तनाव से बड़ा सैन्य संघर्ष न हो, इसकी उन्हें चिंता है।
यह पत्र सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद, इथियोपिया के राष्ट्रपति ताये अत्सके सेलासी और सूडान के नेता जनरल अब्देल फताह अल-बुरहान को भी भेजा गया है।
बता दें कि GERD विवाद वर्षों पुराना है। इथियोपिया का दावा है कि यह डैम बिजली उत्पादन के लिए जरूरी है, जबकि मिस्र और सूडान इसे अपने पानी के अधिकारों पर खतरा मानते हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी अमेरिका ने मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी थी। अब ट्रंप ने फिर पहल की है।

