पंजाब में 831 ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी, 3 घंटे में 227 तस्कर गिरफ्तार: भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद

पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने शनिवार (17 जनवरी 2026) को राज्यभर में सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर की गई और राज्य में चल रहे तेज तर्रार एंटी-ड्रग अभियान का 322वाँ दिन रहा।

यह ऑपरेशन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक साथ पंजाब के 28 जिलों में चलाया गया। पूरी कार्रवाई की निगरानी पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने की।

अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चंडीगढ़ स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय से स्पेशल DGP, ADGP, IGP और DIG रैंक के अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुँचकर ऑपरेशन की निगरानी की।

राज्य भर में 831 ड्रग हॉटस्पॉट पर छापे

तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान पंजाब में 831 ड्रग हॉटस्पॉट्स पर पुलिस टीमों ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के परिणाम स्वरूप 200 FIR दर्ज की गईं और 227 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अवैध रकम भी बरामद किए गए।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बरामदगी में 745 ग्राम हेरोइन, 1.2 किलोग्राम अफीम, 550 ग्राम गांजा, इसके अलावा 4935 नशीली गोलियाँ और कैप्सूल शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों के पास से ₹8750 जब्त की गई।

मार्च 2025 से अब तक 45,000 से ज्यादा ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया

कानून-व्यवस्था के विशेष DGP अर्पित शुक्ला ने ऑपरेशन की मोहाली में निगरानी की। उन्होंने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1 मार्च से शुरू किया गया नशे के विरुद्ध अभियान के नतीजे सामने आने लगे हैं। इस अभियान के तहत अब तक 45028 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस दौरान पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े 31370 FIR दर्ज की हैं। साथ ही भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और पैसे की बरामदगी हुई है। बरामद सामग्री में 1961 किलोग्राम हेरोइन, 607 किलोग्राम अफीम, 27.5 क्विंटल पोस्ता भूसी, 47.57 लाख नशीली गोलियाँ और कैप्सूल, 28 किलोग्राम ICE (सिंथेटिक ड्रग) शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने ₹15.4 करोड़ की जब्ती की है।

नशा मुक्ति के लिए तीन स्तरीय नीति

नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस पुनर्वास पर भी ध्यान दे रही है। विशेष DGP अर्पित शुक्ला ने बताया कि रोकथाम रणनीति के तहत राज्यभर में 90000 से अधिक नशा प्रभावित लोगों को डी-एडिक्शन और OOAT केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार कार्रवाई (Enforcement), नशा मुक्ति (De-addiction) और रोकथाम (Prevention) की तीन-स्तरीय नीति अपना रही है।

अर्पित शुक्ला ने सेफ पंजाब एंटी-ड्रग व्हाट्सएप चैटबॉट (97791-00200) की भी जानकारी दी। यह चैटबॉट लोगों को गोपनीय रूप से जानकारी साझा करने की सुविधा देता है। इस चैटबॉट के माध्यम से मिली सूचनाओं के आधार पर अब तक 11591 से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने आम जनता से हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करने और नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की।