हाल ही में पंजाब के अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति सरोवर में वजू करता दिख रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। नेटिजन्स ने इसे सिख पवित्र स्थल का अपमान बताया है और कहा कि मुस्लिम व्यक्ति ने ऐसा अपने धर्म को सबसे बड़ा दिखाने के उद्देश्य से किया गया है।
Recently, a Muslim entered the Golden Temple premises wearing a skull cap, rinsed his mouth with Sarovar water, washed his hands and feet in it, and made the “Tawhid sign,” and posted the video on insta with an Islamic victory song.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) January 17, 2026
Grave provocation by any standards, but… pic.twitter.com/88715sdgbT
वहीं मामले पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी (SGPC) ने इसे हल्के में लेते हुए मुस्लिम व्यक्ति की छोटी-सी गलती बता दिया है। SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा, “हिंदू समुदाय और जाहिर है सिख लोग मर्यादा जानते हैं। लेकिन दूसरे धर्मों के लोग कभी-कभी गलतियाँ कर देते हैं।”
ये वही SGPC है, जिसने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अर्चना मकवाना के गोल्डन टेंपल में योगा करने पर आपत्ति जताई थी। अर्चना के खिलाफ FIR तक दर्ज कर दी गई थी। तब SGPC ने कहा था कि लोग यहाँ श्रद्धा से नतमस्तक करने आते हैं जबकि एक युवती यहाँ योग कर रही थी, जिससे संगत की धार्मिक भावना को ठेस पहुँची है।
देखा जाए तो दोनो मामलों को बेहद अलग ढंग से प्रस्तुत किया गया है, खासकर SGPC की प्रतिक्रिया यहाँ दोहरा रवैया दिखाती है। जब मुस्लिम व्यक्ति सिख धर्म के पवित्र स्थान पर जाकर अपने धर्म के तौर-तरीके दर्शाता दिखता है, तो SGPC को यह मामूली गलती लगती है। लेकिन वहीं अर्चना मकवाना जब योग करती हैं, तो SGPC संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के चलते उन पर FIR कर देते हैं।

