बहराइच के मेडिकल कॉलेज में 10 अवैध मजारों पर चला बुलडोजर, 24 साल से था अतिक्रमण

उत्तर प्रदेश के बहराइच में सोमवार (19 जनवरी 2026) को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर के सामने अवैध रूप से बनी 10 मजारों को बुलडोजर से ढहा दिया। दरअसल, ये मजारें मेडिकल कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण करके बनाई गई थीं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और अधिकारियों के काम में काफी दिक्कत आ रही थी।

मजार कमेटी 2002 से चले आ रहे अदालती आदेशों के बावजूद जमीन खाली नहीं कर रही थी, जिसके बाद सोमवार (19 जनवरी 2026) को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इन्हें ध्वस्त कर दिया गया।

दो मजारों की आड़ में बना ली थीं 10 नई मजारें

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी आवास के पास स्थित इस जगह पर पहले सिर्फ दो पुरानी मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं। लेकिन समय के साथ मजार की देखरेख करने वालों ने धीरे-धीरे वहाँ 10 और छोटी मजारें खड़ी कर दीं।

इन मजारों की वजह से परिसर में भीड़ जुटने लगी थी, जिससे मेडिकल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद प्रशासन ने दस्तावेजों की जाँच की।

24 साल लंबी कानूनी लड़ाई का हुआ अंत

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इन मजारों को हटाने का पहला आदेश साल 2002 में ही आ गया था। मजार कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ कमिश्नर और अन्य अदालतों में अपील की, लेकिन उन्हें कहीं से राहत नहीं मिली।

साल 2019 में कमिश्नर ने भी इन मजारों को अवैध माना था। साल 2023 में जब यहाँ मेडिकल कॉलेज बना, तो ये मजारें कॉलेज परिसर के अंदर आ गईं। 10 जनवरी 2026 को अंतिम नोटिस देने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटा, तो प्रशासन ने बुलडोजर चलाने का फैसला किया।

भारी फोर्स के बीच शांतिपूर्वक हुई कार्रवाई

ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ नगर मजिस्ट्रेट और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर डटे रहे।

कॉलेज के पास बनी इन मजारों के अलावा, मिहींपुरवा रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध रूप से चल रही दो दुकानों को भी जेसीबी से गिरा दिया गया। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा