संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया के सामने भाषण दिया। पीएम मोदी ने बजट 2026-27 पेश होने से पहले कहा कि 21वी सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है, इस मायने से 2047 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए यह बजट जरूरी है। उन्होंने भारत-EU के बीच FTA और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर भी बात की।
बजट सत्र के पहले दिन 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति के संसद में अभिभाषण पर पीएम मोदी ने कहा कि यह 140 करोड़ देशवासियों का लेखा-जोखा था। उन्होंने कहा, “कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था। 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवाओं के आकांक्षाओं को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन था।”
Speaking at the start of the Budget Session of Parliament. May both Houses witness meaningful discussions on empowering citizens and accelerating India’s development journey. https://t.co/tGqFvc4gup
— Narendra Modi (@narendramodi) January 29, 2026
बजट सत्र पर पीएम मोदी ने कहा, “ये बजट सत्र है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। ये दूसरे चौथाई का प्रारंभ हो रहा है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है। और ये इस शताब्दी के दूसरे क्वाटर का ये पहला बजट आ रहा है।”
पीएम मोदी ने यह भी कहा, “वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली ऐसी महिला वित्तमंत्री हैं, जो लगातर 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही हैं। ये अपने आप में एक गौरव के पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में दर्ज हो रहा है।”
उन्होंने बजट पर बात करते हुए कहा, “देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं। और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है।”
इसके साथ पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर मैन्युफैक्चर्रस से उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आत्मनिर्भर भारत के लिए है। मुझे विश्वास है कि मैन्युफैक्चर्रस इस अवसर को अपनी क्षमताएँ बढ़ाने के लिए करेंगे।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “सभी प्रकार के उत्पादकों से कहूँगा कि जब भारत-EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील’ हुआ है, तो मेरे देश के मैन्युफैक्चर्रस के लिए बड़ा बाजार खुल गया है। यह अवसर है। इसका सबसे पहला मंत्र है कि हम गुणवत्ता पर ध्यान दें। उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर बाजार में जाएँ। हम यूरोपीय संघ के 27 देशों का क्वालिटी के कारण दिल जीत लेंगे।”

