बांग्लादेश में पिछले एक साल में सांप्रदायिक हिंसा की 522 से अधिक घटनाएँ हुई हैं साथ ही 61 हत्या के मामले दर्ज किए गए। यह जानकारी बांग्लादेश की हिन्दू, बौद्ध और क्रिश्चन एकता काउंसिल ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर दी है।
जनवरी 2026 में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 522 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएँ हुईं। इसमें 61 हत्या का मामला सामने आया, 28 महिलाओं के साथ रेप, गैंगरेप और हिंसा का मामला सामने आया। 95 मामले धार्मिक स्थलों पर हमले, देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को तोड़ना आदि के आए। 21 मामले जमीन हड़पने के आए। 102 मामले अस्पसंख्यकों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को तोड़ने के सामने आए और 47 मामले जान से मारने की धमकी और टॉर्चर के सामने आए।
बांग्लादेश के मानवाधिकार आयोग ने जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अल्पसंख्यक हत्याओं के मामलों की पुष्टि की है। इसमें मॉब लिंचिंग भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के जुलाई-अगस्त के विरोध प्रदर्शनों में 650 से अधिक लोग मारे गए थे, जो बाद में 1500 तक पहुँच गया।
रिपोर्ट में 26 जनवरी 2026 की घटना का अलग से जिक्र है। इसमें कहा गया है कि नरसिंगदी जिले में 26 जनवरी को रंगदारों और आतंकवादी तत्वों के एक समूह ने कम से कम 12 बांग्लादेशी पत्रकारों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ये सभी पत्रकार बांग्लादेश क्राइम रिपोर्टर्स एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद बस से ढाका लौट रहे थे। सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संवाद संस्था ने भी घटना की पुष्टि की। रिपोर्ट में नरसिंगदी में एक हिंदू मैकेनिक को जिंदा जलाने जैसी घटनाएँ शामिल हैं।
522 incidents of communal violence in Bangladesh last year, 61 cases of murder says Bangladesh's top minority association: pic.twitter.com/anEi1Qqhbb
— Sidhant Sibal (@sidhant) January 29, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेस के जरिए अल्पसंख्यक संघ ने फरवरी 2026 के आम चुनाव को देखते हुए कई माँग भी रखी है।
इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग ऐसा माहौल बनाए, ताकि अल्पसंख्यक वोटर अपना वोट डालने पोलिंग बूथ तक पहुँच सके और समानता के अधिकार का लुत्फ उठा सके।
प्रचार में किसी तरह के धर्म या संप्रदाय की बात पर रोक लगाई जानी चाहिए। ऐसा करने वाले नेता, उम्मीदवार और पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। चुनाव आयोग से हर हाल में अल्पसंख्यकों की परवाह करने और उनकी रक्षा करने की माँग की गई है।

