राज्यसभा में PM मोदी ने विपक्ष के हंगामे को चुटकी लेते हुए जारी रखा संबोधन, खड़गे पर भी कसा तंज: वॉकआउट करने वालों से कहा- थक गए तो चले गए, देश तेजी से बढ़ रहा आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उनके संबोधन की शुरुआत में ही विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी करने की कोशिश की। पीएम मोदी इस दौरान रुके नहीं, बल्कि उन्होंने विपक्ष की चुटकी भी ले ली। हालाँकि विपक्षी दलों के हंगामे-हल्ले के बावजूद भी जब पीएम मोदी ने अपना संबोधन नहीं रोका, तो कॉन्ग्रेस की अगुवाई में कुछ दलों के सांसदों ने वॉकआउट कर दिया। हालाँकि पीएम मोदी ने यहाँ भी विपक्षी सांसदों की चुटकी ले ली। उन्होंने कहा कि जो लोग थक गए हैं, वो बिचारे चले गए।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। पीएम मोदी की स्पीच के बीच विपक्ष के सदस्य वेल में आकर जोरदार हंगामा करने लगे। उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की और LOP को बोलने की माँग करते हुए नारेबाजी करने लगे। हालाँकि पीएम मोदी ने विपक्ष के हंगामे पर ऐसी चुटकी ली कि विपक्षी दल बगले झाँकने को मजबूत हो गए।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस की चुटकी लेते हुए कहा, “आदरणीय सभापति जी, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खड़गे जी की उम्र देखते हुए वो बैठकर भी नारे बोल सकते हैं, तो अच्छा होगा। ताकी उनको कष्ट न हो। पीछे नौजवान लोग हैं। खड़गे जी को बैठ के भी नारेबाजी की अनुमति दे दीजिए।” पीएम मोदी ने हंगामे के बीच अपना संबोधन जारी रखा।

हालाँकि इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने पीएम के विरोध में वॉकआउट कर दिया। पीएम मोदी ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग थक गए, बिचारे चले गए, लेकिन कभी न कभी उनको जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने ऐसी स्थिति बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे डील करने के लिए आगे नहीं आता था. आप पीछे-पीछे लगे रहे होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमें ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें लक्ष्य को प्राप्त करना है। पीएम मोदी ने कहा कि देश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। आज दुनिया भरोसे के साथ भारत की ओर देख रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश आज तेज गति और लो इंफ्लेशन के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। देश हमें फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में मिला था। हम इसे चौथे नंबर तक लेकर आए हैं और बहुत जल्द तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद आज वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है। दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है। दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ है। भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बना है। उन्होंने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिये इच्छाशक्ति दिखाई थी, जापान हमारा पार्टनर था।

पीएम मोदी ने कहा आज देश सामर्थ्य दिखा रहा है। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही। प्रधानमंत्रियों की लाल किले की प्राचीर से भाषण का विश्वलेषण कर लें, समझ आ जाएगा कि उनके पास विजन नहीं था।

पीएम ने कहा कि उनकी गलतियों को ठीक करने में हमारी ज्यादातर ताकत लग रही है। आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील इसका उदाहरण है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 9 बड़े देशों के साथ ट्रेड डील की है। उसमें भी 27 देशों के साथ एक ‘मदर ऑफ ऑल डील’ भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है। हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है। उन्होंने कहा कि इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊँचा होना चाहिए था, विपक्ष ने मौका गँवा दिया। देश कैसे भरोसा करे?

पीएम मोदी ने कहा, “एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं। टीएमसी के लोग यहाँ उपदेश दे रहे थे. जो निर्मम सरकार के सारे पैरामीटर पूरी कर रहे हैं। घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों में ताकत लगा रहे हैं। घुसपैठिए नौजवानों की रोजी-रोटी, आदिवासियों की जमीन छिन रहे हैं। यहाँ आकर वे हमें उपदेश दे रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि एक हमारे सदस्य काफी कुछ बोल रहे थे। जिनकी पूरी सरकार शराब में डूब गई, वह काफी कुछ बोल रहे थे। ऐसे सभी साथियों से ये जरूर कहूँगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहाँ छिपाओगे?

पीएम मोदी ने सुनाया इंदिरा गाँधी और योजना आयोग से जुड़ा किस्सा

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे और वहाँ से आने के बाद खुद उन्होंने यह घटना कहीं सुनाई। नेता ने कहा कि काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा। क्योंकि वे काफी समय तक पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएँ बनाने को तैयार ही नहीं थे। हमने कहा कि पाड़ी इलाकों में हमारे मजदूरों को जीप की नहीं, खच्चर की जरूरत है। कहा गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, खच्चर के लिए नहीं। उस समय वहाँ सड़क नहीं थी। ये भाषण इंदिरा गाँधी का है। कॉन्ग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही। इंदिरा जी जानती थीं कि ये पाप चल रहा, लेकिन सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। वह जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियाँ उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता खुद उनके पिता जी थे। साल 2014 तक सब परेशान थे, लेकिन सुधार को तैयार नहीं थे। 2014 में जब हमें मौका मिला, हमने उस कमीशन को खत्म कर दिया और नीति आयोग बनाया, जो आज तेज गति से काम कर रहा है।”