केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सदन में ‘लिचिंग’ शब्द के इस्तेमाल पर तीखा हमला किया। खड़गे ने ‘लिंचिंग’ जैसे गंभीर शब्द का इस्तेमाल कर सरकार को घेरने की कोशिश की थी। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए वित्त मंत्री ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की माँग की।
I respect the Leader of the Opposition (@kharge), but I heard him say something – that “you people lynch". I am sorry, but that word should be removed (from the proceedings). The Hon’ble Leader of the Opposition is not right in using that word.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) February 5, 2026
If he is speaking about lynching,… pic.twitter.com/Y2hLSvepsf
वित्त मंत्री ने कॉन्ग्रेस के शासन की याद भी सदन को दिलाई। उन्होंने कहा, “अगर वह लिंचिंग के बारे में बोल रहे हैं, तो मैं उन्हें याद दिला दूँ कि राजस्थान में, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी, तो BJP के एक प्रवक्ता के कमेंट पर एक दर्जी की लिंचिंग की गई थी। नूपुर शर्मा ने टेलीविज़न पर कुछ कमेंट किए थे। जब कॉन्ग्रेस राज में लिंचिंग हुई तो उस वक्त कहाँ थे, कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया।”
कन्हैया लाल केस क्या है
वित्त मंत्री ने राजस्थान के उदयपुर के एक दर्जी कन्हैया लाल की हत्या का जिक्र किया। 28 जून 2022 को हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की मोहम्मद रियाज अटारी और गौस मोहम्मद ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इनलोगों ने इसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया था। दरअसल BJP की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का उन्होंने सोशल मीडिया पर सपोर्ट किया था। पोस्ट के बाद उन्हें धमकियां मिली।
15 जून 2022 को, कन्हैया लाल ने कथित तौर पर लोकल पुलिस में सुरक्षा की माँग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। धमकियाँ मिलने के बाद कन्हैया लाल ने कुछ दिनों तक दुकान बंद रखी। उसने जब दुकान खोली, तो उस पर हमला हुआ। हत्या के तुरंत बाद दोनों इस्लामी कट्टरपंथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

