पिछले कई हफ्तों से लगातार मीडिया में यह खबरें फैलाई जा रही थी कि दिल्ली से लगातार लोग गायब हो रहे हैं और यह आँकड़े बेहद भयावह बताए जा रहे थे। अब दिल्ली पुलिस ने इन अफवाहों पर लगाम लगाते हुए बयान जारी किया है और इसे गलत बताया है।
पुलिस ने कहा है कि गुमशुदगी, विशेषकर बच्चों के लापता होनें को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुलिस का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा था कि राजधानी में लोगों के गायब होने का आँकड़ा हर दिन बढ़ रहा है और उनमें बच्चे, महिलाएँ पुरुष तीनों शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय त्यागी ने जानकारी दी है कि जनवरी 2026 में लापता लोगों से जुड़े मामलों की संख्या बीते वर्षों की इसी अवधि की तुलना में कम रही है।
हम यह स्पष्ट करना चाहते है कि गुमशुदगी, विशेषकर बच्चों के लापता होनें को लेकर फैलायी जा रही अफवाहों से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
— Delhi Police (@DelhiPolice) February 5, 2026
विगत वर्षों की तुलना में गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस त्वरित जांच व कार्रवाई के साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए… pic.twitter.com/WjV1MCoTEM
उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और लापता व्यक्तियों से संबंधित सभी रिपोर्ट पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दर्ज की जाती हैं, जिससे किसी भी तरह की जानकारी छुपाने या उसमें हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि नागरिकों के पास लापता व्यक्ति की शिकायत के लिए कई सुविधाजनक विकल्प मौजूद हैं। लोग स्थानीय पुलिस थाने में जाकर, ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भरकर या फिर ERSS-112 हेल्पलाइन के जरिए तुरंत रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायत दर्ज कराने में किसी तरह की देरी न हो।
अपहरण के पीछे कोई संगठित गिरोह नहीं: दिल्ली पुलिस
पुलिस के अनुसार, हर लापता मामले में तय मानक प्रक्रिया (SOP) के तहत तत्काल कार्रवाई की जाती है। विशेष रूप से बच्चों के लापता होने के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसके लिए सभी जिलों में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जबकि क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट भी सक्रिय रूप से तस्करी और गंभीर अपराधों पर नजर रखे हुए है।
दिल्ली पुलिस ने यह भी साफ किया है कि अब तक बच्चों के अपहरण या लापता होने के पीछे किसी संगठित गिरोह के सक्रिय होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। इसी कारण पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य हर लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढ़कर सुरक्षित रूप से उसके परिवार से मिलाना है।

