SIR में अड़चन आई तो नहीं करेंगे बर्दाश्त: चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर SC ने राज्यों को चेताया, बंगाल के DGP को नोटिस

पश्चिम बंगाल में जारी SIR को लेकर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार पर कई तल्ख टिप्पणियाँ की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर SIR में किसी भी तरह की अड़चन आएगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SC का कहना है कि सभी राज्यों को यह स्पष्ट तौर पर समझ लेना चाहिए। CJI सूर्यकांत ने कहा कि SIR की प्रक्रिया मे कोई दिक्कत आएगी और उसमें सुधार की जरूरत होती तो आदेश जारी किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी करते हुए उनसे व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चुनाव आयोग की ओर से SIR ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को कथित धमकियों और हिंसा की शिकायतों पर जवाब देने के लिए पश्चिम बंगाल के डीजीपी को शो-कॉज नोटिस भी भेजा है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में दस्तावेजों की जाँच और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की समय सीमा में भी राहत दी है। पहले तय 14 फरवरी की डेडलाइन को अदालत ने एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है जिससे संबंधित प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।

CJI ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को सरल बनाने और उठाई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि जिन 8,555 ग्रुप ‘B’ अधिकारियों की सूची आज सौंपी गई है, वे सभी शाम 5 बजे तक संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों (DRO) के समक्ष रिपोर्ट करें।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग (ECI) को मौजूदा ERO और AERO को बदलने तथा योग्य पाए जाने पर अन्य अधिकारियों की सेवाएँ लेने का अधिकार होगा। इसके अलावा, अधिकारियों के बायोडाटा की जांँच के बाद राज्य सरकार के इन अधिकारियों को माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जिसके लिए उन्हें एक या दो दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।